AIRA NEWS NETWORK – बंगाल हिंसा पर जिनको कुछ करना है वही चिल्ला चिल्ला कर धरना दे रहे है कि कुछ होना चाहिए करने क्या नेहरू आएगा ? 56 इंची प्रधानमंत्री चाणक्य जैसा ग्रह मंत्री और 325 से ज्यादा सांसद क्या तबला बजाने के लिए चुने थे ? खैर बाप जी को तो दीदी के पहनाए हुए कुर्ते और बंगाल से लाकर खिलाई हुई बंगाली मिठाईयो का भी तो एहसान चुकाना है। तुम चिल्लाते रहो बंगाल में कार्यकर्ताओ की हत्या कार्यकर्ताओ की हत्या।
कार्यकर्ता तो जितने बंगाल में मरेंगे उससे 100 गुना ज्यादा 5 साल में तय्यार हो जाएंगे बंगाल में और यू पी बिहार में अलग। विपक्ष को हाथरस की बेटी,बिसाहड़ा काण्ड में अखलाख की हत्या , पहलू खां जुनैद नजर आते है तो सत्ता पक्ष को कास गंज का अंकित गुप्ता हत्याकांड पालघर में साधुओं की हत्या कैराना और बंगाल के हिन्दुओ का उत्पीड़न नजर आता है। सब राजनैतिक पार्टियां अपनी अपनी सुविधाओ के अनुसार जनता की लाशों पर वोटों की रोटियां सेक सेक कर खा रही है कार्यकर्ता का क्या मरता है तो मरे और नए भर्ती हो जाएंगे 5 साल में तो।
325 से ज्यादा सांसद क्या तबला बजाने के लिए चुने थे ? : राजीव कुमार शर्मा
राजीव कुमार शर्मा, मानव अधिकार पक्षकार






