भोपाल: अभाविप की पदाधिकारी रही इंदैर की श्रेष्ठा जोशी के सुर अब बदले दिखाई दे रहे हैं। दो दिन पहले राज्यपाल से प्रदेश नेतृत्व की मांग उठाने वाली श्रेष्ठा अब मुख्यमंत्री से कहती नजर आ रही हैं कि प्रदेश वे ही संभालें, लेकिन महामारी के दौर में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुधार दें। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस्तीफा देने की मांग उठाने को लेकर भी उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया था।
अब अपने पुराने वक्तव्य को बदलने का वीडियो भी उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी किया है। श्रेष्ठा के पहले वाले बयान और उसके बाद बदले सुरों को प्रदेश में जारी बड़ी सियासी हलचल का एक हिस्सा करार देते हुए सियासी जानकार उसे एक मोहरे के रूप में आंकलन कर रहे हैं।
दो दिन पहले सीएम शिवराज के इस्तीफे और प्रदेश में नए नेतृत्व की मांग उठाकर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने वाली अभाविप की पूर्व पदाधिकारी श्रेष्ठा जोशी ने अपने साथियों, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और शहरवासियों को इलाज में आ रहीं परेशानियों को आधार बनाया था। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल से प्रदेश नेतृत्व बदले की मांग उठाते हुए प्रदेश सरकार के पूरी तरह विफल हो जाने का आरोप लगाया था।
श्रेष्ठा ने दोबारा अपना नया वीडियो जारी किया है, जिसमें आंखों में नमी लिए वे अपने आसपास फैले मौत के तांडव को लेकर विचलित हैं। वे कहती दिखाई दे रही हैं कि उनसे जुड़े कार्यकर्ता और अन्य लोग इस बात की अपेक्षा करते हैं कि इस विकट समय में हम उनकी मदद कर पाएंगे, लेकिन हालात ऐसे हो गए हैं कि हम किसी के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं। अस्पतालों में छाई अव्यवस्थाओं से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी का जिक्र करते हुए श्रेष्ठा ने अपने सुरों को थोड़ा सा बदला है।
इस बार उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री शिवराज को संबोधित करते हुए कहा है कि आप बेहतर कर सकते हैं, तो व्यवस्था आप ही संभालते रहें, लेकिन इस महामारी को मौत का घर बनने से रोक लीजिए। श्रेष्ठा ने पार्टी द्वारा उन पर लिए गए किसी एक्शन को लेकर भी इस वीडियो में अनभिज्ञता जाहिर की है। उनका कहना है कि पार्टी के ने उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही की है या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें अब तक नहीं मिली है। इसके साथ ही वे इस बात को दोहराती भी नजर आ रही हैं कि उनके लिए किसी पद पर बने रहना महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि जरूरी यह है कि उनसे लोगों की जुड़ी अपेक्षाएं पूरी हो सकें।
बदले हालात से बदले सुर
दो दिन पहले जिस समय श्रेष्ठा ने वीडियो वायरल कर प्रदेश का नेतृत्व बदलने की मांग की थी, उस वक्त बंगाल चुनाव का परिणाम आना बाकी थे। इस चुनाव नतीजे के साथ प्रदेश में होने वाले बदलाव की संभावनाओं के साथ इस बयान को जोड़ा गया था। चूंकि श्रेष्ठा का संबंध इंदौर से है, इसलिए इस बात को और हवा दी गई कि संभवत: यह पूरा एपिसोड भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के इशारे पर रचा गया है। लेकिन चुनाव नतीजे आने के बाद बदलाव की घंटियां बजना कम होती जा रही हैं। ऐसे में श्रेष्ठा का बदला सुर भी इस सियासत का एक हिस्सा माना जा रहा है।
रिपोर्ट खान अशु


















