उत्तरप्रदेश – जनपद बागपत के गांव गौरीपुर जवाहरनगर में सोनू चौहान की वाटिका पर्यावरणप्रेमियों को अपनी और आकर्षित कर रही है। सोनू की वाटिका में विभिन्न प्रकार के छायादार व फलदार वृक्ष, विभिन्न प्रकार की बेलें, औषधीय पौधों से लेकर अनेकों किस्मों के फूल एवं फल के पौधे देखे जा सकते है। फूलों पर मंड़राती रंग-बिरंगी तितलियां हर किसी को अपनी और आकर्षित करती है। सहारनपुर में कार्यरत उत्तर प्रदेश पुलिस के इस जवान ने प्लास्टिक आदि की बनी बेकार वस्तुओं को अपनी सूझ-बूझ से बहुत ही आकर्षक और उपयोगी बनाया है और पर्यावरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
छुट्टी में जब भी वह गौरीपुर जवाहरनगर स्थित अपने आवास पर आते है तो अधिकांश समय वाटिका की देख-रेख में व्यतीत करते है। जब वह डयूटी पर होते है तो उनकी वाटिका की देखभाल उनका परिवार करता है, उनके बच्चे भी इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते है। वाटिका के साथ-साथ सोनू ने वाटिका के पास स्थित क्यारियों में कई प्रकार की सब्जियां उगायी है। वाटिका में पशु-पक्षियों के पानी और पक्षियों के घोंसले की व्यवस्था भी सोनू करते है। सोनू के पास कई किस्म के तोते, मछलियां आदि है जो सोनू के परिवार का महत्वपूर्ण अंग बन चुके है।
पर्यावरण संरक्षण के लिये दुनियाभर में विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित किया जाता है, लोगों को जागरूक किया जाता है, ऐसे लोगों के लिये सोनू चौहान एक प्रेरणा स्रोत है। अपने कार्यो से लोगों को जागरूक करके बागपत की पर्यावरण के क्षेत्र में शान बढ़ाने वाले सोनू लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आहवान करते है। उन्होंने बताया कि उनकी वाटिका में चार प्रकार के गेंदे, सात प्रकार के पाम, चार प्रकार के गुलाब, तीन प्रकार के चंपा, तीन प्रकार के मनी प्लांट, तीन प्रकार के तुलसी, मरवा, अजवायन, तीन प्रकार के अलमंड़ा, चार प्रकार के गुड़हल, तीन प्रकार के कनेर, पपीते, अमरूद, अनार, जामून, आंवला, चमेली, बांस, दो प्रकार की रात की रानी, हार श्रंगार, छह प्रकार के गोदावरी, पिलखन, नीम, दो प्रकार के अपराजिता, एरोकेरिया, सुदर्शन जैसे सैंकड़ो उपयोगी पौधे है। इसमें कोई संदेह नही उत्तर प्रदेश पुलिस का यह जवान हिन्दुस्तान के लोगों के लिये एक प्रेरणा स्रोत है और पर्यावरण संरक्षण का अनुसरण करते हुए बागपत की शान बढ़ा रहे है।




























