AIRA NEWS NETWORK – अल्पसंख्यक क्षेत्र के लोग सुई लेने के नाम पर जिंदगी जीने के लिए एग्रीमेंट का स्थानीय जनप्रतिनिधि और टीकाकरण टीम से कर डाला है डिमांड , वहीं टीकाकारण के लिए ग्रामीण इलाकों में पहुंची मेडिकल टीम को रोजाना ग्रामीण इलाकों से विरोध का करना होता है सामना।
स्वस्थ महकमा के सिविल सर्जन ने कहा – इस उम्र में भी लगवाया हूँ कोविड का डबल टीका अबतक जिंदा हूँ टीका लगवाकर कोविड महामारी से जनसंख्या को बचाने के लिए जरूरी है टीकाकरण खुद से लोग हो जाएं जागरूक।
देशभर में कई शोध के माध्यम से यह बात साबित हो चुका है कि कोरोना से बचाव के लिए के लिए वैक्सीनेशन ही एकमात्र कारगर तरीका है। इसके बावजूद अब तक कुछ लोगों में इसको लेकर भ्रम की स्थिति में है। खासकर अभी अल्पसंख्यक बहुल इलाके में कोविड एक्सप्रेस गांव-गांव,मोहल्ले-मोहल्ले तक पहुंचने के बावजूद इसको लेकर जो तस्वीर देखी जा रही है ..उससे जनसंख्या को संक्रमण से बचाने के लिए नकाफी माना जा सकता है तस्वीर कटिहार के कुर्सेला और कटिहार प्रखंड ग्रामीण क्षेत्रो की है। जहाँ टीकाकरण को लेकर तू तू मैं मैं हो रही है।


















