करनाल: उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने निजी एम्बुलेंस संचालकों को सख्त हिदायत दी कि वे मनमाने रेट मरीजों से न वसूलें बल्कि प्रशासन द्वारा निर्धारित रेट चार्ज करें। निर्धारित रेट से अधिक वसूलने की यदि कोई शिकायत आई तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में लोग तो मानवता की तरह व्यवहार करें, संकट की घड़ी में लोग तो योगदान देने के लिए आगे आ रहे हैं और एम्बुलेंस संचालक अधिक पैसा वसूलने का अवसर ढंूढ रहे हैं जोकि सही नहीं है, लालच पर कंट्रोल रखें।
उपायुक्त वीरवार को अपने कार्यालय में एम्बुलेंस संचालकों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बीच निजी एम्बुलेंस संचालकों द्वारा मरीजों के लिए अधिक चार्ज वसूलने के मामलों पर प्रदेश सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन द्वारा निजी एम्बुलेंस के नए रेट निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना या फिर किसी एमरजेंसी में 10 किलोमीटर तक एडवांस लाईफ स्पोर्ट (एएलएस) के लिए 1200 रुपये तथा बेसिक लाईफ स्पोर्ट (बीएलएस) 500 रुपये फिक्स किए गए हैं। इसी प्रकार 10 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने पर एडवांस लाईफ स्पोर्ट (एएलएस) 28 रुपये प्रति किलोमीटर तथा बेसिक लाईफ स्पोर्ट (बीएलएस) 15 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से चार्ज किया जा सकेगा। इन एम्बुलेंस में सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया यदि कोई निजी एम्बुलेंस का चालक अधिक राशि वसूलता है तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा, उस चालक का ड्राईविंग लाईसेंस रद्द किया जाएगा या फिर गाड़ी की आरसी को रद्द किया जाएगा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
इस मौके पर एसीयूटी प्रदीप सिंह, सीएमओ डा. योगेश शर्मा, फ्लिट मैनेजर गोपाल शर्मा, आरटीए कार्यालय के इंस्पैक्टर जोगिन्द्र ढुल, ठाकुर एम्बुलेंस एसोसिएशन के प्रधान सुमित सैन सहित अन्य एम्बुलेंस संचालक उपस्थित रहे।
हेल्पलाइन नम्बर 1950 पर करें शिकायत, एम्बुलेंस संचालकों के खिलाफ होगी कार्यवाही – डीसी
डीसी ने लोगों से अपील की कि निजी एम्बुलेंस संचालक सरकार से निर्धारित रेट से अधिक वसूल करते हैं तो वे इसकी शिकायत हैल्पलाईन नम्बर 1950 पर कर सकते हैं। आरटीए कार्यालय द्वारा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त ने रविवार को लोगों की सुविधा के लिए निजी एम्बुलेंस संचालकों के नए रेट किए निर्धारित, कहा लालच पर रखें कंट्रोल, संकट की घड़ी में मरीजों का करें सहयोग।




























