
नगीना – CRPF जवान राहुल बिश्नोई सड़क दुर्घटना में घायल के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत का समाचार सुनते ही यहां परिजनों में कोहराम मच गया व नगर में मातम सा छा गया। सैनिक राहुल का पार्थिव शरीर करीब 6:00 बजे उनके पैतृक निवास पहुंचा। जिनके हजारों लोगों ने अंतिम दर्शन किए और सैनिक सम्मान के साथ उनका बिश्नोई श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। सैनिक राहुल हंसमुख और मिलनसार स्वभाव का था।
मोहल्ला बिश्नोई सराय निवासी स्वर्गीय ओम प्रकाश बिश्नोई का 40 वर्षीय पुत्र राहुल विश्नोई देहरादून में सीआरपीएफ की ए. आर एफ कंपनी में ऐ एस आई के पद पर तैनात था तथा वर्तमान में वह डीआईजी देहरादून के स्टेनो के पद पर कार्य कर रहा था बताया जा रहा है कि 12 फरवरी की रात 10 बजे राहुल बिश्नोई देहरादून से बाईक से कहीं जाते समय अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी थी जिससे राहुल बिश्नोई गंभीर रूप से घायल हो गया था तथा तभी से उसका देहरादून के जौलीग्रांट अस्पताल में उपचार हो रहा था मंगलवार की सुबह उपचार के दौरान राहुल ने दम तोड़ दिया
मंगलवार की शाम 6 बजे उसका तिरंगे में लिपटा शव यहां उसके पैतृक निवास मोहल्ला बिश्नोई सराय में पहुंचने पर लोगों की आंखें नम हो गई तथा मोहल्ला बिश्नोई सराय सहित नगर वासियों में शोक छा गया सैनिक राहुल का अंतिम संस्कार सैनिक सम्मान के साथ यहां धामपुर मार्ग स्थित बिश्नोई श्मशान घाट पर किया गया
अंतिम संस्कार के समय सीआरपीएफ के कंपनी कमांडर जितेंद्र मोहन के नेतृत्व में जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम बिदाई दी सैनिक राहुल बिश्नोई की शव यात्रा में बिश्नोई समाज के लोगों के अतिरिक्त हजारों की संख्या में नगर के लोग शामिल रहे शव यात्रा में शामिल लोग भारत माता की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा राहुल तुम्हारा नाम रहेगा आदि नारे लगाते चल रहे थे। सैनिक राहुल बिश्नोई अपने पीछे अपनी पत्नी सहित 2 छोटी ,छोटी बेटियों व 1बेटे सहित परिजनों को रोता बिलखता छोड़ गया सैनिक राहुल की मौत से और कोई गमगीन नजर आया।
सैनिक राहुल के शव से लिपट कर उसकी बूढ़ी मां महारानी उर्दू छोटी वे उसकी पत्नी ईशा दो पुत्री कु टिपा 14 वर्ष, कु आस्था 11 वर्ष, पुत्र प्रणव 5 वर्ष, राहुल की बहनों का रो रो कर बुरा हाल हो रहा था और करो ना किसी से देखा नहीं जा रहा था हर किसी की आंखों में पानी छलक रहा था।
राहुल बिश्नोई अपनी विधवा बूढ़ी मां का इकलौता चिराग था उसकी दो बहने हैं जो चीख चीख कर रो रही थी कि अब हम इस की कलाई पर राखी बांध देंगे यह सुनकर पत्थर दिल के भी आंसू बह रहे थे।
सैनिक राहुल बिश्नोई का शव मंगलवार की देर शाम 5: 52 बजे उनके पैतृक निवास मोहल्ला बिश्नोई सराय पहुंचा शव को देखकर महिलाएं बिलक बिलक कर रो रही थी। जो वही युवा राहुल अमर रहे भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे।
सैनिक राहुल का शव सैनिक वाहन मे रखकर चल रहा था। हजारों लोग सैनिक वाहन के आगे पीछे नम आंखों के साथ चल रहे थे।
विकास अग्रवाल की रिपोर्ट


















