
AIRA NEWS NETWORK – भले ही सरकार की ओर से करोडो रूपया खर्च कर मरीजो का बेहतर ढंग से ईलाज करने की कवायद की जा रही हो लेेकिन अधिकारियो पर इसका कोई असर होता हुआ नही दिखाई नही दे रहा है जो नियमो को ताक पर रखकर नौसीखिया लोगो से आम जनता का ईलाज करा रहे है । एक ऐसा ही मामला जनपद बिजनौर के नजीबाबाद सरकारी अस्पताल मे देखने को मिला जहां पर एक फर्जी चिकित्सक मरीजो का ईलाज कर रहा था। महामारी के इस दौर में फर्जी डाक्टर के ईलाज से अगर कोई मौत हो जाती है तो आखिर उसका जिम्मेदार कौन होगा ।
नजीबाबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर जहां एक फर्जी डाक्टर ठाकुर साहब के नाम से अपनी पहचान बनाकर मरीजो का ईलाज कर रहा था जो मरीजो का ईलाज करते हुए वीडियो मे साफ तौर पर दिख रहा है जो सरकारी अस्पताल के कमरा न0 7 में मरीजो को बड़े हीे ठाठ-बाट से देखते हुए देखा जा रहा है जब मीडियाकर्मी अस्पताल पहुॅंचे तो कैमरे के सामने वह रोजाना 25-30 मरीज देखने की बात कबूल कर रहा है । अब आप खुद ही इसे ध्यान से सुन लीजिए ।
दरअसल आपको बता दें जनपद बिजनौर के नजीबाबाद सरकारी अस्पताल में चिकित्सक कैमरे के सामने 25-30 मरीज देखने की बात कह रहा है जब उसके बारे में अस्पताल कर्मचारियो से जानकारी की गयी तो पता चला कि वह कोई चिकित्सक नही है बल्कि एक प्राईवेट कम्पनी का एम आर है जो पहले डाक्टरो के पास दवाईया सप्लाई करने के लिए आता था जो डी फार्मा का कोर्स कर रहा है । इसी दौरान सीएमओ विजय कुमार यादव दौरे पर आ गये तो तथाकथित चिकित्सक कमरे से निकलकर रफूचक्कर हो गया जो तलाश करने पर भी दिखाई नही दिया
जब इस बारे में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से पूछा गया तो इसके बचाव में उतर गये जब मरीजो को देखने का मामला अस्पताल में उजागर हुआ तो तथाकथित डाक्टर रफूचक्कर हो गया जो ढूढने से भी मरीजो को अस्पताल मे दिखाई नही दिया । अब सवाल पैदा यह होता है कि अगर अस्पताल मे ईलाज के दौरान कोई अनहोनी हो जाती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा या फिर मरीजो की जान से इसी तरह का खिलवाड जारी रहेगा ।
रिपोर्ट-अमीन अहमद






