बिजनौर – नहटौर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.गुरू चरण का जनपद चंदौली के लिये स्थानान्तरण होने के साथ ही नहटौर पीएचसी में उनके स्वर्णिम युग का अंत हो गया। उनके स्थान पर एडिशनल पीएचसी फीना पर तैनात डॉ.आशीष आर्य को नहटौर पीएचसी की कमान सौंपी गई है।
बताते चलें कि अक्टुबर 2012 में स्वास्थ विभाग ज्वाइन करने वाले बिहार के मधुपुरा निवासी डॉ.गुरूचरण को पहली पोस्टिंग सीएचसी धामपुर में मिली थी। इसके बाद नौ माह के लिये उन पर पीएचसी नहटौर का प्रभार रहा। उसके बाद उनका ट्रांस्फर सीएचसी अफजलगढ के लिये कर दिया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने सीएचसी समीपुर, पीएचसी नजीबाबाद तथा पीएचसी कासमपुर गढी में कार्यरत रहकर लोगों की स्वास्थ सेवा की।
डॉ.गुरूचरण को अगस्त 2017 में उस समय पुन: नहटौर पीएचसी की कमान सौंपी गई जब यहाँ स्टाफ में गुटबंदी चरम पर थी और किसी भी राजनैतिक दबाब के आगे न झुकने वाले डॉ.गुलशन बाबू कटारिया का ट्रांस्फर तत्कालीन सीएमओ ने राजनैतिक दबाब के चलते अन्यत्र कर दिया। ऐसे में डॉ.गुरूचरण के सामने स्टाफ में सामंजस्य स्थापित कर लोगों को बेहतर स्वास्थ सेवा उपलब्ध कराना बडी चुनौती थी। परन्तु उन्होंने बिना विचलित हुए अपनी ईमानदारी, सादगी, व्यवहार कुशलता व कर्तव्यनिष्ठता के बल पर न केबल स्टाफ अपितु जन-सामान्य का भी मन जीत लिया।
उन्होंने बेहतर मैनेजमेंट के जरिये एक ओर पीएचसी/सीएचसी पर लोगों के लिये स्वास्थ सेवाओं को बेहतर व सुलभ बनाया तो वहीं केन्द्र व राज्य सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों में नहटौर को जनपद में अग्रणी श्रेणी में स्थापित किया। साथ ही उन्होंने स्टाफ की मदद से पीएचसी/सीएचसी परिसर में खाली पडी जगहों पर पार्कों का निर्माण कराकर सौंदर्यकरण कराकर मिशाल पेश की। यही कारण है कि स्थानीय लोग व पीएचसी/सीएचसी स्टाफ उनके कार्यकाल को स्वर्णिम युग मानता है। उनके स्थानान्तरण से न केबल स्टाफ अपितु गणमान्य लोग तथा जनमानस आहत है।
सीएमओ डॉ.विजय गोयल ने उनके स्थान पर एडिशनल पीएचसी फीना पर तैनात जनपद जेपीनगर निवासी डॉ.आशीष आर्य की नियुक्ति की है। शनीवार को उन्होंने पीएचसी पहुंचकर चार्ज लिया। अब देखना यह है कि क्या डॉ.आशीष आर्य भी डॉ.गुरूचरण कि भांति स्टाफ व स्थानीय लोगों की मदद से स्वास्थ सेवाओं व कार्यक्रमों को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगें या गाडी को पटरी से उतार देगें।
रिपोर्ट : महकार सिंह तोमर




























