AIRA NEWS NETWORK – कन्नौज जनपद के एक आर्यावर्त ग्रामीण बैंक का मामला सामने आया है जिसमें सन 2016 में मृतक के खाते से पूर्व में रहे बैंक मैनेजर की ढीला डपोली के चलते मृतक आश्रित ब्रांच के चक्कर काटने को मजबूर दिखाई दिए| वर्तमान में आई ब्रांच मैनेजर द्वारा मृतक आश्रितों को यह बताया गया कि पेंशनरो की मृत्यु के बाद उनकी राशि समाज कल्याण विभाग को वापस कर जाएगी।
जिससे जबकि पूर्व में रहे बैंक मैनेजर द्वारा खाता ट्रांसफर करने के लिए विभिन्न दस्तावेजों को बनवाने के लिए कहा गया दस्तावेज जब तक तैयार हुए तब तक मृतक आश्रितों की राशि समाज कल्याण विभाग को ट्रांसफर हो गई और मात्र कुछ रुपए ही खाते में शेष रह गए जिससे मृतक के पुत्र ब्रांच के चक्कर काटने को मजबूर दिखाई दिए।
कन्नौज जनपद के ग्राम मिर्जापुर में स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक मैप फखरुद्दीन और पुन्नू का बचत खाता था जिसमें उनकी व्यक्तिगत जमा राशि के साथ-साथ सब्सिडी आज के साथ 60 साला पेंशन का भी पैसा आता था सन 2016 में फखरुद्दीन की मृत्यु के उपरांत उनकी नॉमिनी श्रीमती जेनब के नाम पैसा ट्रांसफर होना चाहिए जब बैंक की पासबुक में जब राशि ₹19946 81 पैसे था तब बैंक मैनेजर के द्वारा मृतक अंकित किया गया और नामिनी के नाम पैसा ट्रांसफर करने के लिए विभिन्न दस्तावेज बनवाने के लिए कहा गया मृतक के पुत्र मोहम्मद जिब्राइल ने बताया जब तक हमने दस्तावेज बनवाएं।
दस्तावेज कंप्लीट होने के बाद जब ब्रांच मैनेजर के पास गए तो वर्तमान में आई ब्रांच मैनेजर ने मृतक के पुत्रों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए 100 नंबर की पुलिस द्वारा पकड़वाने की भी धमकी दी जबकि ब्रांच मैनेजर का दायित्व था उक्त मृतक आश्रितों को जो कि उनके खातेदार हैं उनको उचित जानकारी देकर संतुष्ट करना चाहिए था जो वर्तमान मैनेजर द्वारा नहीं किया गया।
इस बाबत जब आयरा संवाददाता पुष्कर शर्मा ने वर्तमान मैनेजर प्रिया गुप्ता से बातचीत की तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए पूरा दोषारोपण पूर्व में रहे मैनेजर के ऊपर डाल दिया और सरकार के नियम और कानूनों का हवाला देती हुई नजर आई | प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया के नारे के चलते छोटे-छोटे अनपढ़ काश्तकार तहसील और नोटेरी वकीलों के चक्कर काट काट कर जब दस्तावेजों का इंतजाम करके बैंकों में पहुंचते हैं तो अपने को ठगा और लूटा पाते हैं


















