AIRA NEWS NETWORK – जब पुलिस ही गुंडों से हमसाज़ हो पीड़ित को थाने लाकर हवालात में डाल फ़र्जी मुक़दमे लगा बड़ी हवेली पहुचा दे तो फ़िर आम नागरिक किसके दर पर फ़रयाद लेकर जाए और अपने ऊपर हुए जुल्म की दास्ताँ किसको जाकर सुनाए।
पूरा मामला यूपी वेस्ट के जनपद बिजनौर के थाना स्योहारा का है, जहां का थाना पुलिस नही बल्कि एक नफ़ीस नामक प्रधान चलाता है, प्रधान के गुंडे जब जिसे चाहे घर मे घुसकर उसे मार दे जिसे चाहे सरे राह मार दे है कोई मज़ाल की स्योहारा पुलिस गुंडे प्रधान से इस बाबत कोई सवाल पुछले, उल्टा पीड़ित को ही थाने लाकर दबाव डाल समझौता करा प्रधान को क्लीन चिट दे मामले को रफा दफ़ा कर न्याय की हत्या कर देती है।
पीड़ित अगर फैसल नही मानता तो फ़र्जी मुक़दमा लगा बड़ी हवेली भेज प्रधान की मनोकामना पूरी कर देती है, स्थानीय पुलिस सरकारी सैलरी लेकर प्रधान की सेवक बनी हुई है। बात करते है प्रधान की ताज़ा गुंडा गर्दी की जो वायरल वीडियो में साफ़ देखी जा सकती है, जिसके आधार पर भी अगर पीड़ित को इंसाफ व प्रधान को सज़ा नही मिलती है तो ये स्योहारा पुलिस पर से आमजन के विश्वास उठने में सहायक सिद्ध होगी।
पीड़ित शोहराब पुत्र इदरीस अहमद निवासी मोहल्ला कस्बा थाना स्योहारा बिजनौर का आरोप है कि दो तीन दिन पहले नफ़ीस प्रधान ने उसके दोस्त को अपनी बैठक पर बुलाकर गुंडों के साथ मिल बुरी तरह से मारा में किसी तरह से उसे वहां से बचाकर ले आया, जिससे गुस्साए प्रधान ने आज जब दोपहर के लगभग 3 व 4 बजे के समय मे किसी दावत से खाना खा कर आ रहा था तो प्रधान की कार जिसमे उसके 8/10 साथी बैठे थे मुझे जबरन कार में डालकर मेरा अपहरण करके ले जाने लगे मेने उनसे अपने आप को छुड़ाने की और कार से बाहर आ गया तब प्रधान के गुंडों ने मेरे साथ खूब मारपीट की इसी बीच मेरे परिजन भी वहा आ गए तब जाकर मेरी जान बची।
अब आपको प्रधान व उसके गुंडों द्वारा पूर्व में कई गई गुंडाई कि दास्तान बताते है, जब स्वस्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रधान मंत्री द्वारा सफ़ाई अभियान चलाए जाने की मुहिम चल रहा थी तो उक्त प्रधान के ग्राम पंचायत पितथापुर (मंसूर सराय) की गलियों में नाले व नालियों की सफाई ना होने के चलते गन्दा पानी जमा था।
निकासी पूरी तरह से बन्द थी ग्रामीणों ने मीडिया के सामने अपनी परेशानी रखी जिसपर नगर के पत्रकार बाबू अंसारी ने अपने चेनल पर न्यूज चलाई फिर क्या था प्रधान व उसके गुंडों ने पत्रकार को भी आज की तरह सरे राह पीटा जिसपर स्थानीय पुलिस ने पत्रकार की तहरीर ना लेते हुए प्रधान का साथ दिया जब पुलिस पर पत्रकारों का दबाव पड़ा तो भी पुलिस ने दोनों तरफ से तहरीर ले प्रधान की तहरीर में बड़ी धाराएं व पत्रकार की तहरीर में छोटी धाराएं लगा मामले का निपटारा करने को मजबूर कर दिया।
दूसरा वाकिया स्थानीय इमरान मंसूरी नाम के स्थानीय पुलिस पत्रकार की पिटाई का है जो कि गांव में लगे मैले की कवरेज़ कर रहा था जिसे प्रधान के गुंडे अपने गांव की एक बैठक में ले गए और सभी ने मिलकर उसके साथ भी मारपीट की, इस मामले में भी स्थानीय पुलिस प्रधान व उसके गुंडों का पूरी तरह से बचाव करती दिखाई दी और आख़िर में प्रधान से माफ़ी तलाफ़ी करा मामला निपटा दिया।
प्रधान की गुंडाई हाल ही में हुए पंचायत चुनाव में भी सभी ने देखी जिसमे प्रधान पद के अन्नू मानक दूसरे उम्मीदवार व उसके समर्थको पर नफ़ीस प्रधान ने पुलिस से सेटिंग कर अपने गुंडों पर हमला करने का आरोप लगा जेल भिजवा दिया था। हालांकि की चुनाव में जनता ने गुंडे प्रधान को नकार तीसरे उम्मीदवार को इस बार प्रधान बना राजनीतिक ताकत तो नफ़ीस से छीन ली पर फिर भी पूर्व प्रधान की गुंडाई जारी है।


















