करनाल: महाराजा अग्रसैन चौंक से बलड़ी बाईपास पर बने गीता द्वार तक स्मार्ट सिटी प्रोजैक्ट के तहत 2 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से कल्चलर कॉरिडोर का निर्माण करवाया जा रहा है। इस कॉरिडोर के बनने से करनाल शहर के सौंदर्यीकरण में एक नया अध्याय जुड़ेगा। कल्चरल कॉरिडोर को जल्दी ही जनता को समर्पित किया जाएगा। यह बात उपायुक्त एवं स्मार्ट सिटी करनाल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निशांत कुमार यादव ने कल्चरल कॉरिडोर के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के उपरांत कही।
उपायुक्त ने बुधवार को कल्चरल कॉरिडोर के निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया और कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत शहर में विभिन्न प्रोजैक्टों पर कार्य चल रहा है। इन्हीं में से एक प्रोजैक्ट कल्चरल कॉरिडोर का भी है। इस प्रोजैक्ट के तहत अग्रसैन चौंक से लेकर बलड़ी बाईपास तक की सड़क के दोनों साईड पर फुटपाथ पर पेवर ब्लॉक लगाए जा चुके हैं तथा अब तक चैन लिंक फेंसिंग का काम हो चुका है जबकि पौधे लगाने का कार्य जारी है।
इतना ही नहीं इस सड़क के दोनों ओर 6 साईटों पर पेंटिंग का कार्य भी जारी है जिसमें महाभारत से जुड़े प्रसंगों के सुंदर चित्र तथा हरियाणवी संस्कृति व आधुनिक कृषि को लेकर मनमोहक व आकर्षक चित्र अंकित किए जा रहे हैं। इससे कल्चरल कॉरिडोर के सौदर्यीकरण को और बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि सड़क की दोनों आऊटर साईड में साईकिल ट्रैक भी बनेगा जिस पर थर्मोप्लास्ट पेंट होगा। इसके अलावा सड़क पर सोलर लाईट के खंभों पर स्पीकर भी लगाए जाएंगे जिसमें सुबह-शाम के समय सैर करने वाले लोगों को मधुर आवाज में संगीत सुनाई देगा। इस मौके पर डीसी ने स्मार्ट सिटी प्रोजैक्ट के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कल्चरल कॉरिडोर के दोनों साईड में पौधारोपण, पेंटिंग तथा साईकिल ट्रैक बनाने का कार्य जल्द पूरा करवाएं और फुटपाथ पर वरिष्ठ नागरिकों के बैठने के लिए बैंच इत्यादि की भी व्यवस्था करवाएं।
इस अवसर पर स्मार्ट सिटी के जनरल मैनेजर रमेश मढान, कार्यकारी अभियंता सौरभ गोयल, जेई रवि कुमार तथा ठेकेदार मौके पर उपस्थित रहे।
महाराजा अग्रसैन चौंक से लेकर बलड़ी बाईपास पर बने गीता द्वार तक बनाया जा रहा है 2 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से कल्चरल कॉरिडोर, जल्दी ही किया जाएगा जनता को समर्पित।


















