
गोंडा- एक साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, कोरोना महामारी के चलते कभी शहरों व गांव में लगने वाले मनमोहक मेलों का रंग आज फीका पड़ गया है। कभी समय था कि बच्चे बूढ़े जवान सभी इन मनोरंजन के लिए अपने क्षेत्र में लगने वाले मेलों में पहुंच जाया करते थे लेकिन आज कोविड-19के चलते सभी बच्चे बूढ़े और जवान इन मनोरंजन के संसाधनों से वंचित हैं।
इसमें अपनी जीविका चलाने वाले सभी मजदूर आज रोटी रोटी को मोहताज हैं और प्रशासन भी इनकी मदद करने को कभी आगे नहीं आया आज अपना दर्द बयां कर रहे झूला चलाने वाले मजदूर।
गोंडा से प्रभाकर वर्मा की रिपोर्ट


















