कन्नौज – एक माह पूर्व गुरसहायगंज कोतवाली के गावं टढा में महिलाओं के साथ हुई अभद्रता और मारपीट के बाद घर में लगाई गई आग की आज दिन तक कोई भी सुनवाई नहीं हो सकी जनपद के पुलिस अधिकारियों और पूर्व भाजपा मंत्री के दर दर की ठोकर खाती सास और बहू न्याय पाकर ही दम लेगी ऐसे दृढ़ संकल्प के साथ दिनांक 02-8- 2021 सोमवार को पुनः पुलिस अधीक्षक के पास आकर न्याय के लिए गुहार लगाई ।
बताते चले आईरा न्यूज़ नेटवर्क से संवाददाता पुष्कर शर्मा के साथ केमरामेन अमित मिश्रा से बातचीत के दौरान पीड़िता ने बताया की एक महा पूर्व गॉव के ही निवासी गंगा सिंह ने हैंडपम्प पर पानी भरने को छोटी बात को इतना बड़ा सत्ता पक्ष के नशे में चूर होकर उस वक्त गरीब महिला नन्नी देवी सविता के घर घुस गये और गन्दी नियत से महिला को पकड़ लिया महिला के विरोध कर शोर मचाने पर उक्त दबंग महिला के साथ मार पीट की यही नही सास को भी न वक़्सा जब उक्त दबंग को शान्ति न मिली तो गरीब महिला के आशियाने को आग के हवाले कर दिया ।
जब महिला उक्त मामले की शिकायत लेकर कोतवाली प्रभारी टी पी वर्मा के पास गई तो मजे की बात पुलिस ने महिला पर भी 151 की कार्यवाही कर डाली ।
महिला का आरोप है पुलिस मोटी रकम ग्रहण कर चुकी है तभी चौकी प्रभारीहमारे पर 20000 हजार रुपए लेकर समझौता करने के लिए दबाव बना रहा है। यही नही महिला का आरोप है कि जब मैं थाना गुरसहायगंज प्रभारी से मिली तो उन्होंने भी मुझे हड़काया और कहा कि मुख्यमंत्री पास व कप्तान पास चली जाओ जो करवाना हो करवा लेना में fir आग लगने की दर्ज नही करूँगा । और महिला से अभद्र भाषा का प्रयोग कर महिला को थाने से भगा दिया ।
फिर सास बहू दुधमहु भूंखा प्यासा बच्चे को लेकर पुलिस अधीक्षक कन्नौज से मिलकर सारी बात से अवगत कराया कप्तान ने महिला से कहा की 3 बार अचूकी हो थाने में अभी तक रिपोर्ट नही लिखी और महिला से कहा घर जाओ आप के साथ इंसाफ होगा जल्द ।
महिला ने बताया कि मैं पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक छिवरामऊ अर्चना त्रिपाठी के पास भी जा चुकी जब कि फोन द्वारा पूर्व मंत्री ने सारे मामले से उक्त दबंग की दबंगई से कोतबाल को अवगत करवाया और fir दर्ज करने को कहा परंतु आज तक कोतवाल ने रिपोर्ट दर्ज करना तो दूर की बात और महिला को थाने से टरका दिया।
महिला सशक्तिकरण का नारा तो बहुत बुलंद किया जाता है जो हवा हवाई ही दिखाई पड़ता है बार-बार हाकिमों के दर पर भटकती यह सास और बहू अपने छोटे से बच्चे को लेकर क्या सोचती होगी कि मुझे न्याय मिलेगा भी या नहीं ना तो कोई पुलिस अधिकारी सुनता है ना कोई सांसद और विधायक क्या योगीराज में न्याय की आस छोड़ ना यह अपना भाग्य समझ ले और न्याय की आस छोड़ दें।
बताते चलें कि उक्त गावं में एक जाति विशेष के दवंग और सत्ता पक्ष के लोग ही रहते हैं जिनके प्रभाव के चलते गांव से उक्त गरीब महिला परिवार गॉव से पालयन करने को मजबूर वही महिला का यह भी कहना है कि मेरी सुनवाई न हुई तो लखनऊ जाकर आत्महत्या करने पर विविस हुगी जिसकी जबाबदारी कन्नौज पुलिस प्रशासन की होगी ।अब देखना है कि महिला को घटना घटे एक महा बाद न्याय मिलता है य नही ।


















