धामपुर – जी हां जहां एक तरफ पानी को जीवन कहाँ जाता है वही ग्राम धामपुर हुसैनपुर उर्फ पुराने धामपुर की पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए एक अज़ाब बन कर रह गई है। हर गली मोहल्ले में टंकी के पानी के पाइप फटने से पानी बहकर जगह जगह भरा होने से ग्रामीणों पर बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। वही ग्रामीणों को प्रतिदिन समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है।
वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा घटया पाइप लगाने और लाइनों के जोड़ लेबर द्वारा सही ना करने की वजह से आये दिन जगह जगह पाइप फटने की समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। पूरे ग्राम की आरसीसी की सड़कों को तोड़कर जो पाइप डाले गए है उनको ऐसे ही खुला छोड़ दिया गया है जिसके कारण कई मोटरसाइकिल सवार और साईकल सवार इन गड्डों में भरे पानी के कारण दुर्घटना के शिकार हो चुके है।
कई बार ठेकेदार और जल निगम के जे ई को इन सब समस्याओं के बारे मे अवगत कराने के बावजूद भी किसी के कानों पर जूं तक नही रेगी है। नवनियुक्त वर्तमान प्रधान द्वारा इस संबंध मे ठेकेदार से बात करने पर ठेकेदार ने अपना पलड़ा झाड़ते हुए बताया कि उन्होंने पूर्व प्रधान को दिसम्बर मे चार्ज सौप दिया था उनका अब इन समस्याओं से कोई लेना देना नही है। मज़ेदार बात ये है कि जिले की ज़्यादातर ग्रामो मे लगी टंकियों का मेंटेनेंस का ठेका भी इसी ठेकेदार के पास है।
जल निगम के जे ई को बार बार फ़ोन करने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। जे ई ने फ़ोन वार्ता पर बताया कि पूर्व प्रधान को चार्ज दे दिया गया था अब वर्तमान प्रधान की ज़िम्मेदारी है। जल्द ही ग्राम के ग्रामीणों से पानी के बिल के पैसे वसूल कर ग्राम की फटी पाइप लाइनों को सही कराया जाएगा। अब सोचने वाली बात ये है कि जब ग्राम का पाइप लाइन का और सड़कों का कार्य पूरा ही नही हुआ था तो पूर्व प्रधान और ग्राम सचिव ने ठेकेदार से चार्ज क्यों लिया।
सूत्रों की माने तो ठेकेदार, जल निगम पूर्व प्रधान और ग्राम सचिव की मिली भगत से भ्रस्टाचार का बड़ा खेल खेला गया है पंचायत चुनाव से पहले आनन फानन में चार्ज लेना एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है। ग्राम के गढ़मान्य लोगो ने मुख्यमंत्री, जल निगम मंत्री, उच्च अधिकारियों से ग्राम में कराए गए टंकी निर्माण से लेकर ग्राम में डाली गई सभी पाइप लाइनों की जांच की मांग की है। आप को बताते चले कि पूर्व समाजवादी सरकार के पूर्व मंत्री के कोटे द्वारा ग्राम मे टंकी पास की गई थी मंत्री जी के खासमखास रहे चहीते ठेकेदार को टंकी का पूरा ठेका दिया गया था।
टंकी निर्माण की अवधि का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी कार्य पूरा नही हो पाया जिसके चलते दबाव बनने के कारण ठेकेदार , पूर्व प्रधान ,ग्राम सचिव और जल निगम के अधिकारियों ने मिलीभगत कर आनन फानन फीलगुड कर चार्ज पूर्व प्रधान को दे दिया। जिसका खामयाजा अब ग्राम के ग्रामीणों को और नव नियुक्त प्रधान को भुगतना पड़ रहा है। अब देखना ये है कि ग्राम के ग्रामीणों को आखिर इस अज़ाब से कैसे छुटकारा मिले।


















