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सरकारी भूमि कब्ज़ा मामला पहुँचा मानवाधिकार आयोग

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बिजनौर के शेरकोट में भू-माफिया, प्रशासनिक मिलीभगत और नागरिक अधिकार हनन का गंभीर मामला

सरकारी भूमि कब्ज़ा मामला पहुँचा मानवाधिकार आयोग

बिजनौर के शेरकोट में भू-माफिया, प्रशासनिक मिलीभगत और नागरिक अधिकार हनन का गंभीर मामला

आईरा न्यूज़ नेटवर्क | बिजनौर

जनपद बिजनौर के कस्बा शेरकोट में सरकारी भूमि, सार्वजनिक मार्ग एवं जलकल विभाग की पाइपलाइन पर कथित अवैध कब्ज़े का मामला अब उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुँच गया है। आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए शिकायत दर्ज कर डायरी संख्या 3744/IN/2026 तथा केस/फाइल संख्या 9626/24/17/2026 आवंटित कर दी है।

मामले में शिकायतकर्ता इकबाल अहमद निवासी मोहल्ला शेखान, शेरकोट ने आरोप लगाया है कि वर्ष 1968 के पंजीकृत बैनामे में केवल लगभग 68 वर्ग गज भूमि खरीदी गई थी, जबकि वर्तमान में लगभग 228 वर्ग गज भूमि पर कब्ज़ा कर लिया गया है। शिकायत के अनुसार लगभग 150 वर्ग गज सरकारी/नगरपालिका भूमि, सार्वजनिक मार्ग एवं जलकल विभाग की संपत्ति पर अवैध अतिक्रमण किया गया है।

आरोप है कि नगरपालिका जलकल विभाग की मुख्य पाइपलाइन के ऊपर अवैध निर्माण किया गया तथा सार्वजनिक उपयोग हेतु स्थापित सरकारी नल को भी कब्ज़े में लेकर हटा दिया गया, जिससे स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत करने पर उन्हें सामाजिक दबाव, मानसिक उत्पीड़न एवं धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस मामले में पहले मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल एवं एंटी भू-माफिया पोर्टल पर शिकायत संख्या 41013422000258 दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान राजस्व एवं नगरपालिका अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया था, जिसमें कुछ अतिक्रमण हटाने तथा अभी भी सरकारी भूमि पर कब्ज़ा बने रहने का उल्लेख सामने आया था।

सूत्रों के अनुसार जांच आख्या में लगभग 60 वर्ग गज अतिक्रमण हटाए जाने तथा लगभग 100 वर्ग गज सरकारी भूमि पर कब्ज़ा जारी रहने की बात दर्ज है। शिकायतकर्ता ने स्थानीय नगरपालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर प्रभावशाली कब्जाधारियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं।

अब मामला मानवाधिकार आयोग, एंटी भू-माफिया प्रकोष्ठ, नगर विकास विभाग एवं अन्य उच्च प्रशासनिक स्तरों तक पहुँच चुका है। आयोग द्वारा आगे जिलाधिकारी बिजनौर एवं संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब किये जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक सुविधाओं पर इसी प्रकार कब्ज़े होते रहे तो आम जनता के संवैधानिक एवं नागरिक अधिकार गंभीर रूप से प्रभावित होंगे।

आईरा न्यूज़ नेटवर्क इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है।

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