निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का सख्त एक्शन, 15 दिन की डेडलाइन, न सुधरे तो केस दर्ज

नैनीताल / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने वाली कार्यशैली पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी लित मोहन रयाल के निर्देश पर 100 से अधिक निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद अब मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने भी स्कूलों को 15 दिन का अल्टीमेटम दे दिया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे संशोधित बुक लिस्ट जारी कर NCERT की किताबों को प्राथमिकता दें। साथ ही किसी विशेष दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने की बाध्यता को तत्काल समाप्त किया जाए। स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर पूरी फीस संरचना सार्वजनिक करने का भी आदेश दिया गया है।
ब्लॉक स्तर पर बनी संयुक्त जांच समितियां
प्रशासन ने इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए ब्लॉक स्तर पर संयुक्त जांच समितियां गठित कर दी हैं। ये टीमें 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी और स्कूलों की गतिविधियों की जांच करेंगी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में स्कूलों ने सुधार नहीं किया तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के साथ कानूनी केस भी दर्ज किया जाएगा।
गौरतलब है कि कई निजी स्कूल NCERT की सस्ती किताबों के बजाय निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें अनिवार्य कर रहे थे और एनुअल फीस के नाम पर अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे थे।


















