बनारस बार में बवाल अधिवक्ताओं ने महामंत्री पर लगाया अपमान और फर्जी मुकदमे का आरोप

अधिवक्ताओं का फूटा गुस्सा फर्जी एफआईआर और अपमान के विरोध में जोरदार प्रदर्शन ||
‘सम्मान से समझौता नहीं’ बनारस में अधिवक्ताओं का धरना,माफी और मुकदमा वापसी की मांग ||
बार की गरिमा पर विवाद फर्जी मुकदमे के विरोध में अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी ||
वाराणसी:- बनारस बार एसोसिएशन के महामंत्री सुधांशु मिश्रा द्वारा रजिस्टर्ड अधिवक्ताओं को कथित रूप से अपमानित करने एवं उनके खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज कराने के विरोध में अधिवक्ताओं ने जोरदार धरना एवं प्रदर्शन किया | प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए और न्याय की मांग उठाई | प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने सवाल उठाया कि एक रजिस्टर्ड अधिवक्ता को फर्जी बताकर सार्वजनिक रूप से अपमानित क्यों किया गया | साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि बनारस बार के महामंत्री द्वारा साजिशन रजिस्टर्ड अधिवक्ता के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है |
अधिवक्ताओं ने कैंट थाने के एसएचओ शिवाकांत मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए | उनका कहना है कि बिना किसी जांच के बार के महामंत्री के प्रभाव में आकर अधिवक्ता को फर्जी घोषित करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया जो न्यायिक प्रक्रिया का खुला उल्लंघन है |
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में महामंत्री सुधांशु मिश्रा द्वारा सार्वजनिक माफी मांगना एवं दर्ज कराया गया मुकदमा वापस लेना शामिल है साथ ही कैंट थाने के एसएचओ के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की भी मांग की गई |
इस अवसर पर अधिवक्ता रविन्द्र कुमार यादव ने कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा | कार्यक्रम में अधिवक्ता शिव बहादुर सिंह पटेल जो वर्ष 2027 के महामंत्री पद के मजबूत प्रत्याशी माने जा रहे हैं उन्होंने भी अधिवक्ताओं की एकता और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया | उन्होंने कहा कि बार की गरिमा बनाए रखना हर पदाधिकारी की जिम्मेदारी है और किसी भी अधिवक्ता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा |
प्रदर्शन में जोगेन्द्र कुमार यादव,अजीत पटेल,संग्राम सिंह,प्रदीप सिंह सहित तमाम अधिवक्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे | सभी ने एक स्वर में न्याय की मांग करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा | अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा ||


















