करनाल: नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट करनाल में आज विश्व दुग्ध दिवस मनाया गया। इस अवसर पर वेबिनार के माध्यम से देश भर से गौशालाओं, उद्यमियों, किसानों और कृषि विशेषज्ञों ने डेयरी सेक्टर के विकास और संभावनाओं पर चर्चा की। संस्थान के निदेशक डॉ. एम एस चौहान ने बताया कि आज डेयरी सेक्टर देश का तेजी से ब?ता उद्योग है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कोरोना काल मे डेयरी सेक्टर रोजगार का अहम जरिया बन सकता है। आज भी जब अन्य उद्योग कोरोना की मार से प्रभावित है डेयरी सेक्टर तेजी से ग्रोथ कर रहा है।
हमे अभिनव डेयरी उत्पादों के साथ-साथ दूध की गुणवत्ता पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि दूध प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार है जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। सभी उम्र के व्यक्तियों द्वारा इसका सेवन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 198 मिलियन टन से अधिक दूध उत्पादन के साथ भारत को दुनिया भर में सर्वाधिक दूध उत्पादक का गौरव प्राप्त है। उन्होंने कहा संस्थान कृत्रिम गर्भाधान और क्लोन तकनीक पर काम कर रहा है जिससे उत्तम नस्ल के दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाई जा सके।
पिछले कुछ वर्षों में एनडीआरआई ने कई नवीन डेयरी उत्पाद विकसित किए हैं, जैसे कोलेस्ट्रॉल रहित घी, बाजरे की लस्सी, म_ा आधारित सुगंधित डेयरी पेय, अर्जुन हर्बल घी, तेज अम्लीय पाक, दूध से समृद्ध लौह फोर्टिफाइड बाजरे के बिस्कुट, खीर मोहन, बेहतर बनावट वाली दही, कम वसा वाले डेयरी उत्पादों के लिए लैक्टिक कल्चर का निर्माण किया है उन्होंने आगे कहा कि इन सभी नवीन डेयरी उत्पादों की प्रौद्योगिकी को डेयरी उद्योग में स्थानांतरित कर दिया गया है।


















