मुरादाबाद-उत्तरप्रदेशशहर

नया मुरादाबाद स्थित सेक्टर-16A कॉलोनी में सड़क, स्वच्छ पेयजल, नाली, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत नागरिक सुविधाओं के गंभीर अभाव को लेकर उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने शिकायत दर्ज कर डायरी संख्या 426/IN/2026 आवंटित की है।

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मुरादाबाद सेक्टर-16A में मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया
मुरादाबाद | 19 जनवरी 2026
नया मुरादाबाद स्थित सेक्टर-16A कॉलोनी में सड़क, स्वच्छ पेयजल, नाली, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत नागरिक सुविधाओं के गंभीर अभाव को लेकर उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने शिकायत दर्ज कर डायरी संख्या 426/IN/2026 आवंटित की है।


यह शिकायत World Accreditation of Human Rights से संबद्ध सामाजिक कार्यकर्ता संदीप सिंह द्वारा दर्ज कराई गई, जिसमें मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों पर संविधान के अनुच्छेद 21 के उल्लंघन, कर्तव्य-च्युतता (Dereliction of Duty) और घोर प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
क्या हैं मुख्य आरोप
शिकायत के अनुसार सेक्टर-16A में—
वर्षों से पक्की सड़कों का निर्माण नहीं हुआ
स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति बाधित, लोग निजी खर्च पर हैंडपंप लगाने को मजबूर
नालियों और कचरा प्रबंधन का पूर्ण अभाव, गंदगी से संक्रामक बीमारियों का खतरा
बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव
आपातकालीन सेवाओं (एम्बुलेंस/फायर) की आवाजाही में गंभीर बाधा
शिकायत में इस स्थिति को State-Created Hazard बताते हुए कहा गया है कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन और गरिमा पर सीधा प्रहार है।
मीडिया रिपोर्ट के आधार पर शिकायत
शिकायत में दैनिक समाचार पत्र ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें “सड़क टूटी, पीने का पानी मयस्सर नहीं” जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उजागर किया गया था।
मानवाधिकार आयोग से माँग
शिकायतकर्ता ने आयोग से—
स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लेने
दोषी अधिकारियों पर उत्तरदायित्व तय करने
समयबद्ध कार्ययोजना (Time-Bound Action Plan) लागू कराने
प्रभावित नागरिकों को उचित मुआवज़ा/पुनर्वास देने
और भविष्य में ऐसे मानवाधिकार उल्लंघनों की पुनरावृत्ति रोकने
की माँग की है।
आयोग की भूमिका पर निगाह
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग इस गंभीर नागरिक संकट पर कितनी शीघ्रता से हस्तक्षेप करता है और क्या मुरादाबाद विकास प्राधिकरण एवं प्रशासन को जवाबदेह ठहराया जाता है।

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