काशीपुर-उत्तराखण्ड़

पूर्वजो के समाज सेवी कार्य बने वरदान, मंसूर मुहम्मद बने मतदाताओ की पहली पसंद

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काशीपुर /उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,,पूर्वजों से समाज सेवा करते आ रहे धीमरखेड़ा के हाजी अली मोहम्मद किसी नाम के मोहताज नहीं है । उनको पूरा इलाका विकास पुरुष के नाम से जानता है। सरल स्वभाव के धनी हाजी अली मोहम्मद ने बिना किसी पद के रहते अपने गांव के उद्धार के लिए कई ऐसे कार्य किए जिनको लोग आज भी भूल नहीं पा रहे हैं।

यहां बता दे की गांव धीमरखेड़ा में इंटर कॉलेज का अभाव था जिसको लेकर गांव के छात्र कई किलोमीटर दूर जाकर शिक्षा ग्रहण करते थे। इंटर कॉलेज की मांग को लेकर सरकार ने गांव में इंटर कॉलेज बनाने के लिए करोड़ों रुपए स्वीकृत किए, लेकिन जमीन का अभाव था, बिल्डिंग बनाने के लिए सरकार ने पैसा तो दे दिया लेकिन जमीन नहीं मिली। इसी को लेकर जब एक अन्य कॉलेज के प्रिंसिपल ने आकर हाजी अली मोहम्मद से कहां की गांव धीमरखेड़ा में सरकार द्वारा इंटर कॉलेज बनाने को लेकर भेजे गए करोड़ों रुपए उनके खाते में हैं, लेकिन जमीन का अभाव है, इसको लेकर प्रिंसिपल साहब ने हाजी अली मोहम्मद से गुहार लगाई तो उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन कॉलेज को देने की अपनी संतुति दे दी, इतना ही नहीं कॉलेज के लिए कम पढ़ रही जमीन को पूरा करने के लिए उन्होंने और जमीन खरीद कर दी। उन्होंने गांव में कई बच्चियों की शादी भी कराई है । आज उनका पुत्र मंसूर मोहम्मद जो की शिक्षित है और बीएससी फाइनल कर चुके हैं और धीमरखेड़ा ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ रहे हैं। अपने पुरखों से विरासत में मिली विकास की सोच रखने वाले मंसूर मोहम्मद विकास करने में पीछे नहीं है। एक सवाल के जवाब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए मंसूर मोहम्मद ने कहा कि वह गांव में विकास की जोत जलाना चाहते हैं। अगर उनको जनता ने ग्राम प्रधान बनाया तो वह धीमरखेड़ा गांव को वह सब सुविधा मोहोइया कराएंगे जिसकी गांव वालों को जरूरत है। उन्होंने कहा कि गांव में सड़कों का अभाव है, जगह जगह सड़के टूटी हुई है , पानी निकासी नहीं है, नालियां टूटी हालत में है, कूड़ा निस्तारण को लेकर कोई प्लान नहीं है, गांव वासी विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड को लेकर खासा परेशान है, उन्होंने कहां की अगर वह प्रधान बनते हैं तो सबसे पहले वह गांव में एक सीएससी सेंटर की स्थापना कराएंगे जिससे किसी को भी राशन कार्ड विधवा पेंशन वृद्धा पेंशन बनवाने के लिए दर-दर की ठोकरे न खानी पड़े, उन्होंने कहा कि धीमरखेड़ा गांव में बारात घर का अभाव है उसे भी बनवाया जाएंगा, पंचायत भवन को और बड़ा बनाया जाएगा, सरकार से मिल रही योजनाओं का लाभ भी गांव वालों को अवश्य दिलाया जाएगा, क्योंकि अभी तक सरकार से मिल रही योजनाओं से गांव वाले वंचित रहे हैं, क्योंकि जानकारी के अभाव के चलते वह सारी योजनाएं गांव वालों को नहीं मिल सकी जो उनको मिलनी चाहिए थी।

RIZWAN AHSAN

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