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आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टर्स एसोसिएशन (आईरा) की कीरतपुर नगर इकाई द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन

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कीरतपुर (बिजनौर):
आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टर्स एसोसिएशन (आईरा) की कीरतपुर नगर इकाई द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नगर के पत्रकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर लखनऊ से पधारे वरिष्ठ पत्रकार एवं आईरा के प्रदेश अध्यक्ष ए.एस. खान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

कार्यक्रम में पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, जमीनी स्तर पर कार्यरत पत्रकारों की चुनौतियाँ, मीडिया में बढ़ते व्यवसायीकरण, और नैतिक पत्रकारिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

वरिष्ठ पत्रकार याक़ूब मलिक ने कार्यक्रम आयोजन के लिए आईरा की कीरतपुर इकाई के अध्यक्ष मुसैब सिद्दीकी, उपाध्यक्ष सलीम राशिद और महासचिव परवेज सलमानी को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन पत्रकारों को एकजुट करने और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा देते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार दिलशाद अल्वी ने निष्पक्ष पत्रकारिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्य लिखने वाले पत्रकारों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, लेकिन ऐसे समय में अन्य नैतिक पत्रकारों का दायित्व है कि वे उनका मनोबल बनाए रखें और सच के पक्ष में मजबूती से खड़े रहें।

मुख्य अतिथि ए.एस. खान ने कहा, “पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शासन और जनता के बीच एक प्रभावी सेतु है। जब लोकतंत्र में विपक्ष कमजोर हो जाता है, तब पत्रकारिता को सशक्त विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि मीडिया के व्यवसायीकरण ने पत्रकारिता को मंडी में तब्दील कर दिया है, जहां नैतिक पत्रकारों की बजाय टीआरपी आधारित सामग्री को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर पत्रकार को प्रति माह कम से कम दो खबरें नैतिक मूल्यों के दायरे में रहकर प्रकाशित करनी चाहिए — चाहे वह किसी भ्रष्टाचार का खुलासा हो या किसी पीड़ित को न्याय दिलाने का प्रयास।

श्री खान ने पत्रकारिता को स्वयं में एक धर्म बताते हुए इसके चार स्तंभ — नैतिकता, निष्पक्षता, निर्भीकता और तटस्थता — को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सत्य को दबाया तो जा सकता है, पर हराया नहीं जा सकता।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार याक़ूब मलिक, दिलशाद अल्वी, मोहम्मद मेहरबान, शमीम अंसारी, साबिर मलिक, आकिल अली, मुसैब सिद्दीकी, सलीम राशिद, और परवेज सलमानी सहित अनेक पत्रकार एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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