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AIRA International Reporters Association,Bihar के 11वे स्थापना दिवस पर बिहार आईरा अध्यक्ष डॉ. सुमन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में संगोष्ठी का आयोजन

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आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टर्स एसोसिएशन, बिहार का 11वां स्थापना दिवस मनाया गया

कोढ़ा (कटिहार): अनुमंडल प्रेस क्लब भवन में आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टर्स एसोसिएशन, बिहार (AIRA – International Reporters Association, Bihar) का 11वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बिहार प्रदेश आईरा के अध्यक्ष डॉ. सुमन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें पत्रकारों की सुरक्षा, अधिकार और चुनौतियों पर चर्चा की गई।

पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग

इस अवसर पर डॉ. सुमन कुमार मिश्रा ने बिहार सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, लेकिन हाल के वर्षों में पत्रकारों पर हमले और उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सच लिखने वाले पत्रकारों को डराया-धमकाया जाता है, झूठे मुकदमों में फंसाया जाता है, जो स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए खतरा है।

“पत्रकारों की सुरक्षा के बिना लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता। सरकार को चाहिए कि वह पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करे, ताकि पत्रकार बेखौफ होकर सच्चाई सामने ला सकें,” – डॉ. सुमन कुमार मिश्रा।

वरिष्ठ पत्रकारों ने रखे विचार

कार्यक्रम में मौजूद अन्य पत्रकारों ने भी पत्रकारिता के सामने मौजूद चुनौतियों और उसके भविष्य पर चर्चा की। कार्यक्रम में समीर कुमार, मांगण मुखिया, सोनू सिंह, टिंकू कुमार चौरसिया, प्रवीण कुमार सुमन, युगल किशोर शर्मा, इम्तियाज जी, करुणाकर झा, नारायण झा, संजय कुमार, मनीष सिंह, मोहम्मद आमिर, एडी खुशबू, अनुज सिंह समेत कई वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।

पत्रकारों ने पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर जल्द ही सरकार से वार्ता करने और आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया।

पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में सभी पत्रकारों ने स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता जारी रखने का संकल्प लिया और कहा कि यदि सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं करती है, तो पूरे प्रदेश के पत्रकार इसके लिए संगठित आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टर्स एसोसिएशन, बिहार के इस कार्यक्रम ने पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सरकार तक उनकी मांग पहुंचाने का भी काम किया।

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