असम में विश्व का ‘मेगा बेसिन’ बनने की संभावना, निवेश सम्मेलन

वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा, असम में विश्व का ‘मेगा बेसिन’ बनने की संभावना, निवेश सम्मेलन ‘एडवांटेज असम 2.0’ के दौरान की राज्य में बड़े निवेश की घोषणा
वेदांता ग्रुप की कंपनी केयर्न ऑयल एंड गैस ने असम में तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन के लिए 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई
गुवाहाटी, 25 फरवरी 2025: वेदांता ग्रुप की कंपनी केयर्न ऑयल एंड गैस, जो निजी क्षेत्र की भारत की सबसे बड़ी तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी है, ने असम सरकार द्वारा गुवाहाटी में आयोजित वैश्विक निवेश सम्मेलन ‘एडवांटेज असम 2.0’ के पहले दिन राज्य में तेल एवं गैस की खोज तथा उत्पादन के लिए 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई। इस निवेश के तहत असम में तेल एवं गैस उत्पादन की विश्वस्तरीय सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही, कंपनी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत असम में आधुनिक नंद घर (आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र) बनाने, हथकरघा कौशल केंद्रों के विस्तार, महिलाओं और बच्चों के लिए डिजिटल कक्षाएं स्थापित करने और खेलकूद को बढ़ावा देने जैसे कार्य भी करेगी, जिससे राज्य के युवाओं के लिए एक उज्ज्वल एवं समावेशी भविष्य सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में आयोजित वैश्विक निवेश सम्मेलन को संबोधित करते हुए वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने असम के विकास में अपनी कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने असम की रणनीतिक स्थिति, निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों और मजबूत बुनियादी ढांचे को भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि असम में विश्व का मेगा बेसिन और सबसे बड़ा ऊर्जा उत्पादक केंद्र बनने की क्षमता है और वेदांता इस क्षेत्र में दीर्घकालिक तथा सतत विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
असम को भारत के तेल उद्योग का उद्गम स्थल बताते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा, ‘असम प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है और यह विश्व का एक मेगा बेसिन बनने की पूरी क्षमता रखता है। हम असम के सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ, हम असम से प्रतिदिन एक लाख बैरल तेल और गैस का उत्पादन करेंगे, जिससे असम हाइड्रोकार्बन उत्पादन का केंद्र बनेगा। इसके अलावा, यह निवेश करीब एक लाख युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।‘
उन्होंने कहा कि वेदांता का फोकस केवल तेल और गैस उत्पादन तक सीमित नहीं है। कंपनी स्थानीय संस्कृति और जैव विविधता के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है और राष्ट्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कार्य कर रही है।
असम में अराकान बेसिन में 7650 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले अपने ब्लॉकों के साथ, केयर्न के पास 15 खोजी ब्लॉकों का एक रणनीतिक पोर्टफोलियो है। इनमें 12 ब्लॉक ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) के तहत और 3 खोजे गए छोटे क्षेत्र (DSF) शामिल हैं। कंपनी वर्ष 2023 से हजारिगांव तेल क्षेत्र से उत्पादन कर रही है, जो पूर्वोत्तर भारत का पहला DSF ब्लॉक है, जहां उत्पादन शुरू हुआ। इस क्षेत्र से निकाले गए गैस की आपूर्ति ने असम के स्थानीय चाय बागानों को महंगे कोयला ईंधन की जगह सस्ती एवं स्वच्छ गैस में स्विच करने में मदद की है। इसके अलावा, गुवाहाटी में 100 CNG बसों को चलाने में हजारिगांव क्षेत्र की गैस का प्रमुख योगदान है, जिससे असम सरकार की स्वच्छ ऊर्जा पहल को मजबूती मिल रही है।
केयर्न ऑयल एंड गैस, असम स्टेट लाइवलीहुड रूरल मिशन (ASLRM) के सहयोग से असम में महिलाओं को सतत आजीविका के अवसर प्रदान कर रहा है। हथकरघा केंद्रों की स्थापना के जरिए कंपनी ने 3000 से अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया है।
नया निवेश समझौता असम को औद्योगिक और आर्थिक शक्ति केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। यह न केवल भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि असम के विकास में वेदांता की महत्वपूर्ण भूमिका को भी मजबूत करेगा।
केयर्न ऑयल एंड गैस के बारे में
वेदांता समूह की कंपनी केयर्न ऑयल एंड गैस, भारत में तेल एवं गैस की खोज तथा उत्पादन करने वाली निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी भारत के कुल घरेलू कच्चे तेल उत्पादन का एक चौथाई हिस्सा प्रदान करती है और देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित कर रही है।
कंपनी का देश के 62 ब्लॉकों में निवेश है, जो 60,000 वर्ग किलोमीटर में फैले हैं। इसके उत्पादन केंद्र राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात और असम में स्थित हैं।
केयर्न का लक्ष्य घरेलू उत्पादन में 50% योगदान देना है और भारत में सबसे बड़े खोज एवं उत्पादन परियोजनाओं में से एक को क्रियान्वित करना है।
कंपनी 2030 तक नेट जीरो (शून्य कार्बन उत्सर्जन) हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है और पर्यावरण संरक्षण में क्रांतिकारी सामाजिक प्रभाव ला रही है। यह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के OGMP 2.0 को अपनाने वाली भारत की पहली कंपनी बन गई है।
वेदांता लिमिटेड के बारे में
वेदांता लिमिटेड, वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड की सहायक कंपनी है और यह विश्व की अग्रणी प्राकृतिक संसाधन कंपनियों में से एक है। इसका संचालन भारत, दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, लाइबेरिया, यूएई, सऊदी अरब, कोरिया, ताइवान और जापान सहित कई देशों में फैला हुआ है।
कंपनी के मुख्य व्यवसाय तेल एवं गैस, जिंक, लेड, चांदी, कॉपर, आयरन ओर, स्टील, निकेल, एल्युमिनियम, पावर और ग्लास सब्सट्रेट हैं। कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स और डिस्प्ले ग्लास निर्माण में भी कदम रख रही है।
वेदांता ने राष्ट्रीय निर्माण में दो दशकों से महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इसका लक्ष्य 2050 तक या उससे पहले नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करना है। कंपनी ने इस बदलाव को गति देने के लिए अगले 10 वर्षों में 5 बिलियन डॉलर खर्च करने का लक्ष्य रखा है।
वेदांता की सामाजिक पहल अनिल अग्रवाल फाउंडेशन ने सामाजिक प्रभाव के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए अगले पांच वर्षों में 5000 करोड़ रुपये के निवेश की भी प्रतिबद्धता जताई है। फाउंडेशन की नंद घर परियोजना के तहत पूरे भारत में मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
वेदांता को S&P ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2023 में तीसरा स्थान मिला है और यह Dow Jones Sustainability World Index में सूचीबद्ध है। कंपनी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में भी सूचीबद्ध है।
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