करनाल-हरियाणा

जिला की नशा संबंधी मामलों में सजा सुनाने में 87.25 प्रतिशत रही औसतन

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जिला की नशा संबंधी मामलों में सजा सुनाने में 87.25 प्रतिशत रही औसतन

एडीजे डॉ. गर्ग की कोर्ट ने 51 केसों में 60 नशा तस्करों को सुनाई सजा

वर्षिक रिपोर्ट 2024 अनुसार 204 केसो में सें 178 केसों में आरोपियों को मिली सजा

करनाल, 15 जनवरी। उप-निदेशक, अभियोजन एवं जिला न्यायवादी डॉ. पंकज सैनी ने बताया कि सरकार प्रदेश को नशा मुक्त बनाने एवं समाज को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के उद्देश्य से नशा कानूनों को सख्ती से लागू कर रही है। इस दिशा में एनडीपीएस एक्ट की वार्षिक रिपोर्ट में करनाल जिला की नशा संबंधी मामलों में सजा सुनाने में 87.25 प्रतिशत औसत रही है।

एनडीपीएस एक्ट की जनवरी से दिसंबर 2024 वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार अतिरिक्ति जिला सत्र एवं न्यायाधीश डॉ. सुशील गर्ग ने इस दौरान 51 एनडीपीसी एक्ट से संबंधी मामलों की सुनवाई करते हुए सभी 60 आरोपियों को सजा सुनाई है। 51 केसों में से, 51 केसों में ही सजा सुनाने से उनका औसतन शत-प्रतिशत रहा है। इसके अलावा रजनीश कुमार, एडीजे ने 23 केसों में 16 केसों में, अनिल कुमार, एडीजे ने 44 केसों में 38 केसों में, मोहित अग्रवाल, एडीजे 47 केसों में 41 केसों में, रजनीश कुमार, एडीजे ने 35 में 31 केसों में व राम अवतार पारिक, एडीजे ने 2 केसों में 1 केस में सजा सुनाई गई है। यह सभी मामले मध्यम व अधिक मात्रा में आरोपियों से मिले मादक पदार्थों के एनडीपीसी एक्ट के थे, जो उपरोक्त अदालतों में विचारधीन चल रहे थे। जिसमें वार्षिक रिपोर्ट 2024 अनुसार 178 केसो में सें 220 आरोपियों को सजा सुनाई गई है। यह सभी मामले एडीजे कोर्ट में विचाराधीन थे।

उन्होंने बताया कि सरकार व उच्चाधिकारियों के दिशा व निर्देशों अनुसार एनडीपीसी एक्ट नशा संबंधी मामलों में जिला को नशा मुक्त करने का प्रयास जारी है। कोर्ट में गवाहों व सबूतों को हमारे सरकारी वकीलों के द्वारा ठोस मजबूती के साथ पेश करते हुए आरोपियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने का उदेश्य रहता है। सजा के प्रावधान से नशे के कारोबार से संलिप्त लोगों को भी यह संदेश पहुंचाया जा रहा है कि इस कारोबार में संलिप्त होना सलाखों के पीछे पहुंचना है।

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