कच्छी शराब का कारोबार बन चुका कुटीर उद्योग,आबकारी विभाग का निकम्मापन हुआ उजागर

काशीपुर /उत्तराखंड (रिजवान अहसन),,,, नगर क्षेत्र काशीपुर एवं आसपास के गांव देहाती क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब अब लघु एवं कुटीर उद्योग के रूप में जड़े जमा चुका है बता दें कि इन क्षेत्रों में कोई मोहल्ला कोई गांव नहीं बचा जहां कच्ची शराब के व्यवसाई अपने कारोबार को विस्तृत रूप ना दे चुके हो । कभी-कभी स्थानीय पुलिस तो इन शराब कारोबार में पर कार्रवाई करती है और दो-चार लोगों को मात्र कुछ लीटर शराब के साथ गिरफ्तार भी करती है परंतु आबकारी विभाग के अधिकारी अपने दफ्तरों में आराम से चाय की चुस्कीयां लेकर बेफिक्री से अपनी तनखाह का इंतजार करते रहते हैं।
जबकि कच्ची शराब कारोबारी लाखों लीटर शराब का उत्पादन करके क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर अपनी खेप को पहुंचा कर लाखों रुपया बटोरते हैं ।और बेफिक्र होकर बेच कर चले जाते हैं और हैरानी की बात है कि आबकारी विभाग को इसकी कानों कान खबर तक नहीं चलती।
सूत्रों के अनुसार अवैध शराब बनाने में मुख्य रूप से खाई खेड़ा कनकपुर छोटी बरखेड़ी, बड़ी बरखेड़ी ,वीरपुर कटिया, धीमरखेड़ा ,कुंडेश्वरी के कछार और नदी तट के इलाके कुंडा थाना क्षेत्र का किलावाली ,गड़ी नेगी दुर्गापुर वह मॉलधन चौड़ आदि में यह शराब का काम बड़े पैमाने पर चल रहा है,।
वहीं सूत्रों का कहना है कि नगर क्षेत्र काशीपुर में गिनी खेड़ा के साहब सिंह ,कटोराताल में राधा, दीपक टांडा उज्जैन में रोहित बोकरी, राम किशोर सोनू जैसे एक दर्जन व्यक्ति रेलवे क्रॉसिंग टांडा उज्जैन पर कंचन निकका, चमेली वह शाकिर जैसे दर्जनों लोग अवैध कच्ची शराब को धड़ल्ले से बचने में लगे हुए हैं।
इनमें से कई व्यक्ति तो वह है जिन पर अवैध शराब के कारोबार के चलते कई मुकदमे कायम है
परंतु हैरानी की बात है कि आबकारी विभाग ने आज तक किसी अपराधी के घर पकड़ नहीं की सूत्रों की माने तो कुटीर उद्योग के रूप में जड़े जमा चुका शराब व्यवसाय विभागीय अधिकारियों के आशीर्वाद से फल फूल रहा है और मुद्रा के आदान-प्रदान के चलते अपराधी बेखौफ है हां कभी-कभी बड़े अधिकारियों द्वारा दबाव आने पर आबकारी काशीपुर विभाग इक्का-दुक्का स्थान पर छापेमारी करके और 2,~400 लीटर लहन नष्ट करके अपने फाइलों में अपने आप को कर्मशील और ईमानदार साबित करने का प्रयास जरूर करते हैं परंतु धरातल पर स्थिति बेहद भयावह है अगर शराब के कारण देवनगरी में अनेक स्थानों पर सैकड़ो लोगों की जान जा चुकी है और युवाओं का भविष्य गर्त में है यदि जल्द ही आबकारी विभाग नींद से न जागा हुआ और विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर नकेल न कसी गई गई तो निश्चित रूप से यहां नियमित रूप से बड़े हादसे देखने को मिल सकते है


















