सूचना अधिकार कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांध कर जताया विरोध

स्योहारा ।
सूचना का अधिकार दिवस 12 अक्टूबर के मौके पर कांग्रेस कमेटी सूचना का अधिकार विभाग द्वारा स्योहारा में कांग्रेस आरटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा सुबह 11:00 से दोपहर 3:00 तक हाथ में काली पट्टी बांधकर व उपवास रहकर अपना विरोध प्रदर्शित किया।
प्रदेश में भाजपा द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक कानून को कमजोर किये जाने के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया सूचना का अधिकार विभाग के प्रदेश सचिव डॉक्टर इश्तियाक अली ने बताया कि कांग्रेस की सरकार द्वारा सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के रूप में एक ऐसा हथियार दिया गया था जिससे आमजन भी भ्रष्टाचार पर सीधे चोट कर सकता था। सूचना के अधिकार कानून की वजह से ही सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आने लगी थी। भ्रष्टाचारियों को इस बात का डर सताता था कि इस कानून की वजह से कभी भी उनकी काली करतूतों की कलई खुल सकती है सूचना काअधिकार अधिनियम को एक बेशर्मी की तरह नचा रहा है,कानून की देवी के आंख पर पट्टी बधी होने का लाभ अधिकारी कानून को बेशर्मी बना हर उस आँगन मे नचा रहे है जहा से भी लाभ मिलता हो,आँगन छोटा हो या बडा धन होना चाहिए,साहेब जी खुलकर नचायेगे क्यूंकि इन्हे कानून नाम की बेशर्मी को भरपूर नचाना जो आता है।कुछ इसी तरह से सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना के लिए भी यह नाच नचा रहे है।कारण… यह कि यह तो पहले ही कानून के नाच से भ्रष्टाचार कर धन हासिल कर चुके है।प्रथमअपील आवेदन और प्राप्त सूचना तीनो संलग्न है।पढ सकते है प्रथमअपील दो पेज पढने पर ही सारी बात समझ मे आ जायेगी।समय से सूचना नही देते,प्रथमअपील पर प्रथमअपीलीय अधिकारी सुनवाई नही करता है। क्यूंकि कानून को तवायफ वनाकर यह भ्रष्टाचार कर लाभ कमाते है।द्वितीय अपील के लिए सूचना आयोग है परंन्तु आवेदन और प्रथमअपील का कोई अर्थ नही होता है तो यह व्यवस्था बनाया ही क्यू गया?क्या नागरिको को प्राप्त संवैधानिक मौलिक अधिकार एक भ्रष्ट अधिकारी अपने उत्तरदायित्व का उल्लंघन करनागरिक अधिकार को रौद सकता है?परंन्तु खुलकर बेशर्मी से नागरिक अधिकार को रौदा जा रहा है हालत यही दर्शाता है कि जैसे अधिकारी कानून को ही बेशर्मी समझ हर छण हर पल नचाने मे लगे है। इस मौके पर जिला अध्यक्ष बिजनौर रिफाकत चोधरी,प्रदेश सचिव डॉक्टर इश्तियाक अली ,नगर अध्यक्ष मुस्तकीम अहमद, मोहम्मद यूसुफ, इस्लामुद्दीन अंसारी,मोबिन इदरीसी,महबूब अंसारी, समीउल्लाह , साजिद हुसैन आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।


















