गन्ना किसानों में आक्रोश ,गन्ना सचिव के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

स्योहारा।,,गन्ना सर्वेक्षण सट्टे में चल रही अनियमितताओं के विरुद्ब आज अखिल भारतीय किसान सभा ने गन्ना समिति में गन्ना सचिव को एक ज्ञापन देते हुए राष्ट्रपति को भेजा व धरना दिया।
ज़्यादा जानकारी देते हुए किसान सभा के मंडल मंत्री इसरार अली ने कहा कि
आज गन्ना किसान बहुत बड़े संकट में फंसा हुआ है एक तरफ तो लाल सइन रोग (गन्ने का कैंसर) के कारण उसकी गन्ने
की फसल चौपट हो चुकि है, परन्तु जो कुछ बची भी है तो
वह गलत सर्वे के कारण समय पर मिल पर्ची नहीं मिलने की वजह से समाप्त हो जायेगी। अधिकतम गन्ना किसानो
की
पर्चियाँ इस बार पौधे में लगायी गई हैं जिसके
उसके पास खड़ी पेड़ी और टिपेड़ी (सेड्डी) का गन्ना समय
पर नहीं डल पायेगा और गन्ना किसान गेहूं की फसल
नहीं बो पायेगा। इस कारण गन्ना किसान मानसिक रूप से
बहुत अधिक परेशान हैं इसलिए किसान सभा ने मांगे की है कि
गन्ने सट्टे में 60% पेड़ी तथा ५०% पौधे की पर्चियाँ लगायी
जायें। तथा पेडी की webside को खोला जाये। गन्ना किसानो कि बर्बाद हुई फसल का मुआवजा 30 हजार २०/बीघा
के हिसाब से सर्वे कराकर अतः शीघ्र दिलाया जाये।आवारा छुट्टा पशुओं से फसलों को
तथा इनके द्वारा
मारे गये किसानों के परिवार को एक एक करोड़ रु की आर्थिक की मदद दी जाएं।
इस मौके पर मो.आरिफ .इंद्र कुमार शर्मा,खलील अहमद,जरीफ,जाबिर आदि मौजूद रहे।


















