बिजनौर में मत्स्य को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में विकसित करने की अपार सम्भावनाएं मौजूद-मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा



BIJNOR- 31 JULY, 2023
मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने सहायक निदेशक मत्स्य को निर्देश दिए कि मत्स्य विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत आनलाईन अपलोड किये गये आवेदनों में से पात्र आवेदकों का ई-लाटरी के माध्यम से पूर्ण निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ चयन कर लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला बिजनौर में मत्स्य को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में विकसित करने की अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं और मत्स्य पालन के लिए जिले में व्यापक क्षेत्र भी उपलब्ध है। उन्होंने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन तक शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का कृषि विभाग के सहयोग से व्यापक प्रचार-प्रचार कराना सुनिश्चित करें और उन्हें मत्स्य पालन के विभिन्न क्षेत्रों में जानकारी उपलब्ध कराते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करें।
मुख्य विकास अधिकारी श्री बोरा आज कलेक्ट्रेट सभागार में मत्स्य विभाग, बिजनौर द्वारा संचालित प्रधानमन्त्री मत्स्य सम्पदा योजना एवं मुख्य मन्त्री मत्स्य सम्पदा योजना की वर्ष 2023-24 की जिला स्तरीय समिति (डी०एल०सी०) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन को बढावा देने के लिए शासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने मत्स्य निरीक्षकों को सचेत करते हुए कहा कि किसी भी लाभार्थी से पैसा उगाही न हो यह सुनिश्चित करें और यदि कहीं भी लाभार्थियों से पैसा लेने संबंधी शिकायत प्रकाश में आती है तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने मत्स्य पालकों एवं लाभार्थियों से कहा कि यदि किसी भी स्तर से अधिकारियों द्वारा पैसा उगाही की जाती है तो उसकी शिकायत उच्च स्तरीय अधिकारियों से करें व उन्हें भी अवगत कराएं। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर पात्र लाभार्थियों को परेशान नहीं किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि लाभार्थियों के चयन में पूर्ण निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बरती जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति लाभान्वित न होने पाए। इस अवसर पर उन्होंने संबधित महत्वपूर्ण योजनाओं में सम्मलित 77 लाभार्थियों की पीपीटी बनाने के निर्देश दिए।
सहायक निदेशक मत्स्य ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2023-24 के लिए विभिन्न परियोजनाओं में आनलाईन अपलोड किये गये आवेदनों में से पात्र आवेदकों का ई-लाटरी के माध्यम से कुल 19 परियोजनाओं यथा निजी भूमि में तालाब निर्माण, प्रथम वर्ष निवेश, बायोफ्लाक तालाब निर्माण, लघु रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम, वृहद रिसर्कुरेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम, वृहद फीड मिल, मोटर साईकिल विद आईस बाक्स, साईकिल विद आईस बाक्स, रियरिंग यूनिट निर्माण तथा बैकयार्ड आर०ए०एस० में कुल 96 आवेदन कर्ताओं का प्रधानमन्त्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत तथा 26 आवेदन कर्ताओं का पट्टों पर आवंटित तालाबों पर प्रथम वर्ष निवेश हेतु मुख्यमन्त्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत ई-लाटरी के माध्यम से रेण्डमाईजेशन की कार्यवाही की गयी।
सहायक निदेशक मत्स्य, बिजनौर एच० सी० वर्मा द्वारा सदस्यों को मत्स्य विभाग के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों एवं योजनाओं कीे विस्तृत रूप से जानकारी उपलब्ध कराई गयी।
इस अवसर पर सहायक निदेशक मत्स्य, बिजनौर एच० सी० वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक, मत्स्य निरीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं प्रगतिशील मत्स्य पालक आदि मौजूद थे।






