KGMU में धर्मांतरण और लव जिहाद के आरोपों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, पुलिस की रिपोर्ट पर शासन ने दिए कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कथित धर्मांतरण, महिला डॉक्टरों के उत्पीड़न और लव जिहाद के गंभीर आरोपों पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।
30 अक्टूबर 2026 को चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव आनंद कुमार त्रिपाठी ने KGMU के कुलसचिव को पत्र भेजकर पुलिस की जांच रिपोर्ट में चिह्नित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सबसे बड़ा खुलासा यह है कि पुलिस की सात पन्नों की रिपोर्ट में KGMU के कई विभागों के डॉक्टरों, प्रोफेसरों और कर्मचारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
पुलिस रिपोर्ट में बड़े आरोप
KGMU के भीतर धर्मांतरण का कथित नेटवर्क! पुलिस रिपोर्ट में आरोप है कि कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों पर हिंदू महिला डॉक्टरों और कर्मचारियों को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोप हैं।
रेजिडेंट डॉक्टरों के उत्पीड़न के आरोप! गांधी वार्ड, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और रेडियोलॉजी विभागों से जुड़े मामलों का रिपोर्ट में उल्लेख है। महिला डॉक्टरों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने तथा करियर खराब करने की धमकियों के आरोप भी दर्ज हैं।
डॉ. रमीजुद्दीन पर गंभीर आरोप! रिपोर्ट में पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन पर एक महिला डॉक्टर को प्रेमजाल में फंसाने, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और निकाह करने के आरोपों का उल्लेख है। रिपोर्ट के मुताबिक संबंधित मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
प्रोफेसर सुरेश बाबू और प्रोफेसर सुमायरा कपूर का नाम! पुलिस रिपोर्ट में दोनों के संबंध में भी आरोप दर्ज हैं। इनमें पीड़ित पक्ष पर दबाव डालने और आरोपी डॉक्टर का समर्थन करने जैसे आरोप शामिल हैं।
‘इस्लामिक मेडिकोज’ समूह का जिक्र! रिपोर्ट में KGMU से जुड़े एक कथित समूह की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए मेडिकल कॉलेज में धार्मिक आधार पर नेटवर्किंग और प्रभाव बढ़ाने के आरोप लगाए गए हैं।
पूर्व और वर्तमान अधिकारियों पर भी सवाल! रिपोर्ट में डॉ. अब्बास अली मेहदी सहित अन्य डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी आरोप दर्ज हैं।






