बिजनौर-उत्तरप्रदेश

फ्री लीगल एडवाइजर नियुक्त- जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर, मदन पाल सिंह

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बिजनोर-राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर द्वारा संचालित लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सिस्टम के अंतर्गत 04 फ्री लीगल एडवाइजर नियुक्त- जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर, मदन पाल सिंह

BIJNOR- 01JULY, 2023

जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर, मदन पाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा राज्य के जिलों में लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सिस्टम की स्थापना जनवरी 2023 में की जा चुकी है, जिसका संचालन जिला न्यायालय में स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर द्वारा किया जा रहा है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर द्वारा संचालित लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सिस्टम फ्री लीगल एड व नियुक्त अधिकारीगणों के नाम एवं व पदनाम की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रवीण सिंह देशवाल चीफ, लीगल एड डिफेंस काउन्सिल, मोबाइल नंबर 9412216338, नवीन कुमार राजपूत डिप्टी चीफ, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, मोबाइल नंबर 9756292777, कमाल अजीम असिस्टेंट, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल मोबाइल नंबर 9927282607 तथा महिमा भटनागर असिस्टेंट, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, बिजनौर मोबाइल नंबर 8755353101 को नियुक्त किया गया है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि निर्धन व असहाय व्यक्ति जो किसी अपराध के लिए अभियुक्त बनाया गया हो तथा पुलिस अधिकारी द्वारा गिरफ्तार कर थाने अथवा न्यायालय में रिमांड के लिए लाये जाने पर यदि उसके लिये कोई अधिवक्ता न हो तो तत्काल सूचना लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के अधिकारियों को दी जाये। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति जिसे किसी अपराध हेतु अभियोजित किया गया हो तथा उसके पास अधिवक्ता रखने का आर्थिक सामर्थ न हो तो वह लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के लिये आवेदन कर सकता है।उन्होंने बताया कि अभियुक्त के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण हेतु लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सिस्टम का सृजन किया गया है। जिसका कठोरता से अनुपालन सुनिश्चत करना पुलिस का दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति जो कारागार में निरुद्ध हो और अपने मुकदमें की पैरवी करने में अक्षम हो वह लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल (निःशुल्क अधिवक्ता) के लिए आवेदन कर सहायता प्राप्त कर सकता है। यदि अभियुक्त के परिवार का कोई सदस्य उसके मामले के पैरवी के लिए उपस्थित न हो तो वह विधिक सहायता के लिए आवेदन कर सकता है।
उन्होंने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि विचारण के प्रत्येक स्तर पर (गिरफ्तारी, रिमांड, आरोप, साक्ष्य , विचारण, निणर्य तथा अपील) अभियुक्त को जिसने आवेदन कर सहायता मांगी है, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल द्वारा निःशुल्क सहायता दी जायेगी। लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल की सहायता प्राप्त करने के लिए नियुक्त अधिकारियों से तत्काल दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिनियम 1987 की धारा 12 में वर्णित पात्र लाभार्थियों की जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर, प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, महिला, बच्चा, अनुसूचित जाति व जन जाति के लोग और 60 वर्ष से उपर आयु वाले अक्षम व्यक्ति व जेल में निरुद्ध व्यक्ति निःशुल्क अधिवक्ता के माध्यम से सेवा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह सम्पूर्ण सहायता संविधान के अनुच्छेद 39 अ के अन्तर्गत गरीब व अक्षम व्यक्ति के लिये प्रदान की जाती है।

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