7 करोड़ की लागत से बनी 4 प्रयोगशालाओं का कुलपति ने किया उदघाटन

आईरा न्यूज़ नेटवर्क करनाल से सुमरिन योगी
किसानों को मिलेगा उत्तम तकनीक के साथ निर्मित बीज
करनाल। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल में करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से बनी 4 प्रयोगशालाओं का एमएचयू कुलपति प्रो. समर सिंह ने उद्घाटन किया। इन प्रयोगशालाओं के बनने से किसानों को जहां उत्तम तकनीक से तैयार बीज एवं पौध उपलब्ध होगी। जो किसानों की आय बढ़ाने में बहुत सहायक होगी। वहीं राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की परियोजाओं के माध्यम से उच्च स्तरीय रिसर्च हो सकेंगी।
करनाल में नव निर्मित एड़वांसड प्लांट फिजियोलॉजी लैब करीब 2 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से बनाई गई। जिसका उदघाटन कुलपति प्रो. समर सिंह ने किया। लैब में पहुंचने पर सहायक प्रो. विमला सिंह तथा लैब के स्टाफ द्वारा कुलपति प्रो. समर सिंह का स्वागत किया। कुलपति प्रो समर सिंह ने कहा कि प्लांट फिजियोलॉजी लैब अत्याधुनिक शोध उपकरणों से लैस है तथा राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध अनुबंधों के लिए पूरी तरह से तैयार है। लैब के सभी उपकरण चालू है तथा जीनोमिक स्तर एवम पौधों में उत्तम गुणवत्ता के लिए भौतिक क्रियाओं के अध्ययन पर कार्य चल रहा है। नवनिर्मित लैब में सूक्ष्म जीवाणुओं द्वारा मिट्टी की सेहत पर प्रभाव तथा पौधों में वातावरणजनित एवम जीवाणु जनित विकारों पर शोध के साथ पौधो के स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का हल निकालने की दिशा में कार्य हो सकेगा। जिससे किसानों को उत्तम फसलों के लिए नई तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार प्राकृतिक खेती के लिए उत्तम भूमि की पहचान के लिए मापदंडों को तय करने के लिए इन उच्च स्तरीय शोध उपकरणों का उपयोग किया जा सकेगा। सहायक प्रो. विमला सिंह ने कहा कि लैब में विश्व स्तरीय शोध परियोजनाओं के संबंध में कार्य किया जा रहा है। जिससे विश्व पटल पर एमएचयू का नाम होगा।
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र अंजनथली में तीन प्रयोगशाला का किया उदघाटन
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र अंजनथली में कुलपति द्वारा तीन प्रयोगशालाओं का उदघाटन अनुसंधान निदेशक डॉ आरके गोयल के उपस्थिति में किया गया। इन प्रयोगशालाओं में सीड इन्फ्रा लैबोरेट्री, बॉयो कंट्रोल प्रयोगशाला एवम प्लांट टिश्यु कल्चर प्रयोगशाला शामिल हैं। तीनों प्रयोगशाला करीब 5 करोड़ रुपए से बनाई गई है। इन प्रयोगशालाओं में सीड इन्फ्रा लैबोरेट्री में उत्तम बीज की ग्रेडिंग कर किसानों को दी जाएगी। फसल रोगों एवम कीटों के लिए बायो कंट्रोल के उत्पादन एवम वितरण तथा टिश्यु कल्चर तकनीक द्वारा तैयार किए हुए पौध किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। अनुसंधान निदेशक डॉ. आरके गोयल ने एमएचयू द्वारा किए जा रहे अनुसंधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मौके पर बागवानी महाविद्यालय डीन प्रो रंजन गुप्ता, रजिस्ट्रार डॉ. अजय सिंह, डॉ. सतेंद्र यादव, डॉ. बिजेंद्र सिंह, डॉ. शुभरण सिंह, डॉ. शारूण खान, डॉ. पंकज, डॉ. विजय अरोड़ा, ईओ सुरेश सैनी, एक्सईएन अनुज गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे। प्रयोगशाला का उदघाटन करते हुए एमएचयू कुलपति प्रो. समर सिंह।


















