यूक्रेन पर हमले का तीसरा दिन यूक्रेनी सेना के जज्बे के आगे रूसी फौज के हौसले पस्त

AIRA NEWS NETWORK – यूक्रेन पर हमले के तीसरे दिन रूस ने दावा किया कि उसने 800 यूक्रेनी सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। इनमें 14 सैन्य हवाई क्षेत्र, 19 कमांड पोस्ट, 24 एस-300 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम और 48 रडार स्टेशन शामिल हैं। इनके अलावा, यूक्रेनी नौसेना की 8 नौकाओं को भी तबाह कर दिया गया।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की फौज को यूक्रेनी सेना से करारा जवाब मिल रहा है और इसकी वजह से वो झुंझला गए हैं। खासतौर पर यूक्रेन के उत्तरी इलाके में उनके हौसले पस्त हो रहे हैं। इसलिए अब कीव समेत दूसरे शहरों के सिविलियन इलाकों को टारगेट किया जा रहा है। दरअसल, रूस को यह उम्मीद नहीं थी कि उन्हें इस लेवल की टक्कर का सामना करना पड़ेगा। इस बीच, जर्मनी ने यूक्रेन को 5 हजार आर्मी हेलमेट्स भेजे हैं। यूक्रेन की मांग 1 लाख हेलमेट्स और हेडगियर्स की थी।
रूस के फाइटर जेट्स ने कीव के अलावा देश के दो और शहरों पर हमले किए हैं। यहां रेसिडेंशियल बिल्डिंग्स पर भी मिसाइलें दागी गई हैं। ये हैं खार्कीव और खेरसन। यूक्रेन के ट्रूप्स भी यहां मौजूद हैं। गुरुवार को खार्कीव में रूस का मिलिट्री हेलिकॉप्टर मार गिराया गया था।
यूक्रेन की महिलाएं भी रूसी सेना से लोहा लेने को तैयार हैं। ब्लू जैकेट में नजर आ रहीं जेलेनिया प्राइमरी टीचर हैं और हाथ में अब कलम की जगह बंदूक नजर आ रही है।
जेलेंस्की का मोदी को फोन:
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की ने शनिवार शाम प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर दी। जेलेंस्की के मुताबिक- मैंने प्रधानमंत्री मोदी से मदद मांगी है। हमारे देश पर एक लाख घुसपैठियों ने हमला कर दिया है। हमारे घरों और जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। रिहायशी इलाके जल रहे हैं। आप इस मुश्किल वक्त में हमारी राजनीतिक और बाकी मदद कीजिए। हम चाहते हैं कि UN सिक्योरिटी काउंसिल में आप यूक्रेन का साथ दें। हम सबको मिलकर इस हमलावर का सामना करना चाहिए।
फ्रांस ने रूस का शिप कब्जे में लिया:
रूस और यूक्रेन की जंग की आंच दूसरे देशों तक पहुंचने लगी है। CNN के मुताबिक, शनिवार शाम फ्रांस की नेवी ने रूस के एक कार्गो शिप को अपने कब्जे में ले लिया। यह शिप इंग्लिश चैनल में मौजूद था। फ्रांस के इस कदम से रूस भड़क गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस शिप में बेहद कीमती कारें और कुछ इलेक्ट्रॉनिक इक्युपमेंट्स हैं। फ्रेंच नेवी और कस्टम इस शिप की जांच में जुट गए हैं। फ्रांस में मौजूद रूस के एम्बेसेडर ने एमैनुएल मैक्रों सरकार से संपर्क किया है। ज्यादा जानकारी की प्रतीक्षा है।
जंग बेहद खतरनाक मोड़ पर:
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की लेटेस्ट रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूक्रेन की समुद्री सीमा में मौजूद जापान के एक शिप पर मिसाइल हमला किया गया है। शिप के एक हिस्से में आग लग गई है। माना जा रहा है कि यह मिसाइल रूसी सेना ने दागी। शिप को काफी नुकसान पहुंचा है। इस शिप को टग करके रिपेयरिंग के लिए तुर्की लाया जा रहा है। इधर, न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर अमेरिका और NATO ने जंग में सीधे हिस्सा लिया तो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन एटमी हथियारों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। यह दावा एक अफसर के हवाले से किया गया है।
कीव पर बड़ा हमला और यूक्रेन का दावा:
इससे पहले कीव पर बड़ा हमला किया गया। इससे कई रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। रूस ने मेलिटोपोल शहर पर भी कब्जा कर लिया है। यूक्रेन ने 3500 रूसी सैनिकों, 02 टैंक, 14 विमान और 8 हेलिकॉप्टर्स को मार गिराने का दावा किया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की ने दावा किया- हमारी मदद के लिए ब्रिटेन और अमेरिका सहित कुल 28 देश आगे आए हैं। ये हमें रूस का सामना करने के लिए हथियार और दूसरे मिलिट्री इक्विपमेंट्स देंगे।
शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में 1 वोट पड़ा। भारत, चीन और UAE ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि, रूस ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर इस निंदा प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
रूस और यूक्रेन की जंग के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि यह जंग जल्द रुकने वाली नहीं है, यह संकट रहेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया को लंबे युद्ध के लिए तैयार रहना होगा। भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे।
अमेरिका ने दावा किया है कि रूस ने शनिवार सुबह यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सों में कुल 250 मिसाइल हमले किए। इनमें से ज्यादातर शॉर्ट रेंज की बैलेस्टिक मिसाइल थीं। अब सिविलियन इलाकों को ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूक्रेन को यूरोपीय संघ यानी EU की सदस्यता देने की मांग की है। यूक्रेन के प्रस्ताव पर रूस के वीटो के खिलाफ 50 देशों ने संयुक्त बयान जारी किया। कहा- रूस ने UNSC के प्रस्ताव को ब्लॉक करके अपनी वीटो शक्ति का दुरुपयोग किया है।


















