21 नवीन एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ

21 नवीन एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ
जनपद मैनपुरी जिला ब्यूरो अमन कुमार
मैनपुरी – चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को प्राप्त 21 नवीन एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि कुछ वर्षों पूर्व उ.प्र. में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल ठीक नहीं था, आवागमन के लिए बेहतर साधन उपलब्ध नहीं थे, पीने के लिए शुद्ध पानी भी नहीं था लेकिन आज प्रदेश की तस्वीर बदली है, कुछ वर्षों पूर्व मैनपुरी में आवागमन के लिए सड़के खस्ताहाल थीं, वर्ष 1993 में जब पहली बार घिरोर विधानसभा से निर्वाचन लड़ा उस दौरान विधान सभा घिरोर के उसनीदा गांव तक जाने में 01-02 फीट तक रेव हुआ करता था और यदि अंधेरा हो जाये तो गांव का आदमी दूसरे गांव में पहुंच जाता था, यह स्थितियां जनपद की थीं, लेकिन आज जनपद का पूरी तरह से कायाकल्प हो चुका है, हर गांव तक पहुंच मार्ग, विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है, हर घर नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जा रही है, गांव-गांव विद्यालय स्थापित हो चुके हैं साथ ही विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत छात्रों हेतु सभी मूल-भूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा चुकी है, शिक्षकों की उपस्थिति के साथ-साथ विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण में सुधार की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं, आज ग्रामीण क्षेत्रों तक आसानी से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, मरीजों तक निर्धारित रिस्पांस टाइम में एंबुलेंस-108 पहुंच रही हैं, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल के साथ-साथ जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है, प्रसव के उपरांत एंबुलेंस-102 के माध्यम से उन्हें ड्रॉप बैक की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।पर्यटन मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है यदि बीमार व्यक्ति की नब्ज पड़कर चिकित्सक कहे कि कोई बीमारी नहीं है, तो बीमार व्यक्ति की आधी तबीयत तो उसी समय ठीक हो जाती है, संसार में यदि किसी को भगवान का दर्जा है तो वह सिर्फ चिकित्सक को है, चिकित्सक को दूसरा भगवान माना जाता है इसलिए चिकित्सकों की ज्यादा जिम्मेदारी है कि वह मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार कर उन्हें अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करें। उन्होंने कहा कि केंद्र-प्रदेश सरकार की दूरगामी सोच का परिणाम है कि आज बड़ी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस सहायता-112 डॉयल करने पर तत्काल मौके पर पुलिस पहुंच रही है वहीं बीमार व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए 108 डॉयल करने पर मात्र 05-06 मिनट के भीतर एंबुलेंस उसके द्वारा तक पहुंच रही है, दोनों महत्वपूर्ण सेवाएं लोगों को जीवन देने का कार्य कर रही हैं। उन्होने कहा कि आज स्वास्थ्य केन्द्रों पर पर्याप्त मात्राओं में जीवन रक्षक उपकरणों के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है, अधिकांश जॉचे स्वास्थ्य केन्द्रों पर निःशुल्क की जा रही हैं।
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आज सुदूर गांव में बैठा व्यक्ति यदि 108 एम्बुलेंस सेवा पर फोन करता है तो मात्र 05-06 मिनट में उस तक एम्बुलेंस पहुंच रही है, आज से 20 वर्ष पूर्व इस बात की कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि फोन के माध्यम से मात्र 05-06 मिनट तक उसके पास सरकारी एंबुलेंस पहुंचकर उसे स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी, आज केंद्र-प्रदेश सरकार जन-कल्याण के लिए नित नई योजनाएं बनाकर क्रियान्वित कर रही हैं, जिसका लाभ पाकर समाज के अंतिम पायदान का व्यक्ति विकास की मुख्य धारा में शामिल हो रहा है, आज जनपद को 21 नई एंबुलेंस मिली है, इन एम्बुलेंस का लाभ मरीजों को मिलेगा। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ का आव्हान करते हुए कहा कि आपको भगवान का दूसरा रूप माना जाता है, इसलिए आप निःस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करें।
पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने कहा कि सड़क दुर्घटना होने पर पहला एक घंटा गोल्डन हॉर्व्स माना जाता है यदि दुर्घटना घटित होने के 01 घंटे के भीतर पीड़ित व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान हों तो उसका जीवन बच सकता है, मार्ग दुर्घटनाओं में पीड़ित व्यक्ति को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में एंबुलेंस-108 महति भूमिका निभा रही है। उन्होंने एम्बुलेंस स्टाफ का आह्वान करते हुए कहा कि वह संवेदनशील रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें, दुर्घटना में घायल व्यक्ति तक निर्धारित रिस्पांस टाइम में पहुंच उसे जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र पर लाकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में अपना योगदान दें।
इस दौरान क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, अनुजेश प्रताप सिंह, उदय चौहान, राहुल भारती, अमित गुप्ता के अलावा मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, उप जिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्टॉफ आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविन्द्र सिंह गौर ने किया।


















