200, बच्चो ने इम्तेहान देकर अपनी आगे की तालीम की और बढाये क़दम।

मदरसा इस्लामिया अरेबिया नुरुल उलूम के सालाना इम्तहान हुए मुक़म्मल,
बच्चो ने कुरआन व हदीस के हवाले से पूछे गए सवालों के जवाब देकर हासिल किए नम्बर।
लगभग 200, बच्चो ने इम्तेहान देकर अपनी आगे की तालीम की और बढाये क़दम।
स्योहारा।इस्लाम मे इल्म का हासिल करना हर मर्द औरत पर फ़र्ज है, फिर वो इल्म (तालीम) चाहे दीनी हो या दुनियावी हर मुसलमान पर इसका हासिल करना बहुत अहम है। यही वजह है कि इस्लाम के आख़री नबी ने इल्म की अहमियत पर जोर देते हुए मिशाल दी कि इल्म हासिल करो चाहे इसे हासिल करने के चायना जाना पड़े, यहां चायना से मतलब मुल्को की दूरी ही क्यों ना पूरी करनी पड़े।
इल्म यानी तालीम हासिल करने की इस मुहिम को कई सदियों से जिंदा रखते हुए दीन व दुनियावी तालीम देने वाले मदरसों में बच्चो को तालीम देने का सिलसिला लगातार जारी है। इन मदरसों में पढ़ने वाले बच्चो के तालीम हासिल करने के बाद एक दर्जे से दूसरे दर्जे में पहुचने की कड़ी में हर साल इम्तेहान होते है।
इसी के चलते नगर के मोहल्ला कस्बा में बनवसदियों पुराने मदरसे मदरसा इस्लामिया अरेबिया नुरुल उलूम यानी मियां वाला मदरसा में साल भर पढाई करने वाले सभी क्लास के बच्चो के इम्तेहान हुए जिसमें क़ामयाबी हासिल करने वाले बच्चो का आख़री सबक इम्तेहान लेने वाले आलिम हज़रात मौलाना क़ामिल अंसारी, मौलाना इम्तियाज़, कारी इलामुद्दीन, कारी महमूद, मुफ़्ती सदाक़त, कारी नवाब उद्दीन, मुफ़्ती फैज़ान, व मौलाना नदीम, ने सुना।
आज के इस प्रोग्राम में बच्चो के उस्ताद मुफ़्ती आसिम, मौलाना मारूफ, कारी अतीक, मौलाना आक़िब, कारी रियासत, कारी नूर अंसारी के अलावा
मदरसा इंतजामिया हाजी खुर्शीद अंसारी, हाजी इल्यास अंसारी, हाजी हाफिज हनीफ अंसारी, हाजी इदरीस अंसारी, हाजी अब्दुल गनी, डॉक्टर तनवीर, व दीगर लोग मौजूद रहे।
शहर इमाम मौलाना मोहम्मद क़ामिल अंसारी ने दुआ करा प्रोग्राम के मुकम्मल होने का ऐलान किया।



























