❝सवाल पूछना मना है!❞-स्योहारा नगर पालिका के ईओ ने पत्रकार को व्हाट्सएप ग्रुप से निकाला-‘स्मार्ट सिटी’ पर सवाल पूछना बना गुनाह?
स्योहारा नगर पालिका के ईओ ने पत्रकार को व्हाट्सएप ग्रुप से निकाला — ‘स्मार्ट सिटी’ पर सवाल पूछना बना गुनाह?
आईरा न्यूज़ नेटवर्क
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❝सवाल पूछना मना है!❞
स्योहारा नगर पालिका के ईओ ने पत्रकार को व्हाट्सएप ग्रुप से निकाला — ‘स्मार्ट सिटी’ पर सवाल पूछना बना गुनाह?
स्योहारा (बिजनौर)।
“स्मार्ट सिटी” की परिकल्पना के बीच स्योहारा नगर पालिका में एक बेहद असामान्य और चिंताजनक घटना सामने आई है। अधिशासी अधिकारी (E.O.) द्वारा नगर को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कहने पर जब एक पत्रकार ने बुनियादी सवाल उठाया, तो जवाब देने की बजाय पत्रकार को ही ग्रुप से हटा दिया गया।
📌 मामला:
स्योहारा नगर पालिका के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में अधिशासी अधिकारी महोदय ने “स्योहारा को स्मार्ट सिटी” बनाने की घोषणा जैसी बात रखी। इस पर एक पत्रकार ने यथार्थ से जुड़ा सवाल पूछ लिया —
“जब नगर में सफाई तक ठीक से नहीं हो रही, तो स्मार्ट सिटी कैसे बनेगी?”
परंतु यह सवाल इतना अप्रिय प्रतीत हुआ कि अधिकारी ने संवाद की जगह बलपूर्वक “Remove for All” का विकल्प चुना — और पत्रकार को ग्रुप से बाहर कर दिया गया।
🚨 पत्रकार का ‘अपराध’ क्या था?
वह पत्रकार वार्ड संख्या 5 के नाले की दुर्दशा और अनियमित सफाई पर लगातार प्रशासन का ध्यान खींच रहे थे। उनके अनुसार नाले की सफाई केवल औपचारिकता तक सीमित रही है, और असल में गंदगी जस की तस है।
❗प्रशासन से सवाल:
क्या अब पत्रकारिता का मतलब सिर्फ तारीफ़ें करना रह गया है?
क्या जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेही से भाग सकते हैं?
क्या ‘सवाल हटाओ, असलियत छुपाओ’ प्रशासन की नई नीति है?
🛑 सवालों से भागना समाधान नहीं:
एक ओर नगर विकास के दावे, दूसरी ओर आलोचना से असहिष्णुता — यह विरोधाभास जनता के विश्वास को खोखला करता है।
सवाल चुभ सकते हैं, पर उनका समाधान संवाद से ही संभव है, दमन से नहीं।
📣 आईरा न्यूज़ नेटवर्क की ओर से आग्रह है कि प्रशासन संवाद और पारदर्शिता का मार्ग अपनाए, ताकि जनता का भरोसा कायम रहे।
रिपोर्ट: आईरा न्यूज़ नेटवर्क, स्योहारा
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