स्कूल के अवैध हॉस्टल मे मानसिक विकलांग बच्चों के यौन शोषण का मामला आया सामने

देहरादून/ उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,, देहरादून के कार्गी चौक क्षेत्र में संचालित एक प्री-प्रेपरेटरी स्कूल की आड़ में हो रहे अवैध हॉस्टल संचालन और बच्चों के यौन शोषण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दिल्ली में पंजीकृत एक ट्रस्ट द्वारा संचालित “पेंसिल बॉक्स” नामक यह स्कूल न तो किसी मान्यता प्राप्त संस्था से संबद्ध था, न ही इसके पास शैक्षणिक संचालन की विधिक अनुमति थी। इस स्कूल के साथ-साथ पास ही के एक किराए के भवन में मानसिक रूप से असक्षम बच्चों के लिए एक अवैध हॉस्टल भी चलाया जा रहा था, जहाँ गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। सबसे भयावह बात यह रही कि वहां रह रहे दो नाबालिग भाइयों ने रात्रिकालीन अटेंडेंट द्वारा यौन शोषण की पुष्टि की है।
बाल आयोग की अध्यक्ष ने किया निरीक्षण, उजागर हुए चौंकाने वाले तथ्य: राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की माननीय अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना स्वयं आयोग की टीम के साथ मौके पर पहुँचीं और स्कूल व हॉस्टल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि हॉस्टल न केवल बिना किसी वैधानिक अनुमति के चल रहा था, बल्कि वहाँ बच्चों की सुरक्षा से जुड़े किसी भी मानक का पालन नहीं किया गया था।
हॉस्टल की स्थिति अत्यंत जर्जर पाई गई- न सफाई, न देखभाल की व्यवस्था, न ही किसी प्रशिक्षित स्टाफ की उपस्थिति। बच्चों के रहने की दशा अमानवीय और चिंताजनक बताई गई है।


















