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वनविभाग एस टी एफ की संयुक्त टीम ने अभियुक्तों को 11,बोरे कछुओं के साथ किया गिरफ्तार

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घिरोर मैनपुरी

वनविभाग एस टी एफ की संयुक्त टीम ने अभियुक्तों को 11,बोरे कछुओं के साथ किया गिरफ्तार

आईरा न्यूज़ नेटवर्क स्टेट ब्यूरो सुबोध कुमार

मैनपुरी वन विभाग एस०टी०एफ० एवं वाइल्डलाइफ क्राइम कन्ट्रोल ब्यूरो को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि भारी मात्रा में कछुआ तस्कर कछुओं को कही लेजाने की फिराक में है मुखबिर की सूचना से प्राप्त सूचना के आधार पर वन विभाग मैनपुरी व एस०टी०एफ० एवं वाइल्डलाइफ क्राइम कन्ट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम ने आपरेशन में जैन इण्टर कालेज कस्बा करहल के पास इटावा- मैनपुरी मार्ग पर चैकिंग के दौरान एक टाटा सफारी कार जिसका नम्बर यूपी 16एडी 7500 को रोकने का प्रयास किया, तो कार चालक कार तेज रफ्तार से भगाने लगा, टीम द्वारा घेराबन्दी कर कार को रोका गया, तो कार से एक तस्कर अन्धेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा, मौके पर कार से भागने का प्रयास कर रहे दो तस्करों को पकड़ लिया गया। कार की तलाशी लेने पर 11 जूट के बोरो में कछुएं भरे पाये गये, गणना करने पर कछुए की संख्या 390 पायी गयी, पकड़े गये कछुआ सुन्दरी प्रजाति के हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी करहल, शोएब आलम अंसारी के अनुसार पकड़े गये दो अभियुक्तों से पूछताछ में इनके नाम 1- सलीम पुत्र जमील अहमद निवासी रूद्रपुर खेड़ा पोस्ट व थाना रुद्रपुर जिला उधम सिंह नगर (उत्तराखण्ठ), 2-उत्तमदास पुत्र दीपकदास निवासी ग्राम रूद्रपुर ट्रांजिट कैम्प पोस्ट व थाना ट्रांजिट कैम्प जिला उधम सिंह नगर (उत्तराखण्ड) बताये गये। दोनों अभियुक्तों से जानकारी प्राप्त हुई है कि इन कछुओं को तस्करी करके उधम सिंह नगर (उत्तराखण्ड) ले जा रहे थे। उक्त वन अपराध के सम्बन्ध में वन विभाग करहल रेंज द्वारा भारतीय वन अधिनियम की धाराओं व वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम की धाराओं के तहत थाना करहल में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। वन अपराध में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तार किये गये अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा तथा कछुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के उपरान्त मा० न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के उपरान्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव उ०प्र० लखनऊ की अनुमति प्राप्त होने पर बरामदर कछुओं को उनके प्राकृतिकवास में छोड़ा जायेगा।
क्षेत्रीय वन अधिकारी मैनपुरी, विवेकानन्द दुवे ने बताया कि कछुओं का प्रयोग चिप्स के रूप में तथा शक्तिवरधक दवाओं में इसका प्रयोग किया जाता है। अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर सुन्दरी प्रजाति कछुओं की डिमाण्ड ज्यादा रहती है।
सर्दियों के मौसम में कछुओं की तस्करी की सम्भावनाएं काफी हदतक
बढ़ जाती है। जनपद में वन कर्मियों को वन्य जीव अपराध, कछुओं की तस्करी रोकने हेतु अलर्ट मोड पर
रखा गया है। राजीव दीक्षित, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी
जनपद में वन विभाग द्वारा नियमित गस्त एवं निगरानी करते
हुए वन्य जीव अपराध पर पूर्ण नियंत्रण रखा जायेगा। वन्य जीव अपराध, तस्करी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही
की जायेगी। संजय कुमार मल्ल, डीएफओ मैनपुरी
(संजय कुमार मल्ल) प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग, मैनपुरी

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