लंगड़ा-लुल्ला” कहकर दरोगा ने की विकलांग पदाधिकारी से अभद्रता, विकलांग समाज में उबाल“सम्मान नहीं मिला तो करूंगा आत्महत्या” – पीड़ित आज़म

“लंगड़ा-लुल्ला” कहकर दरोगा ने की विकलांग पदाधिकारी से अभद्रता, विकलांग समाज में उबाल
“सम्मान नहीं मिला तो करूंगा आत्महत्या” – पीड़ित आज़म
एसोसिएशन की चेतावनी – जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन
स्योहारा (बिजनौर)।
स्योहारा पुलिस का चेहरा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार शर्मनाक आरोप एक विकलांग पदाधिकारी ने लगाए हैं, जिसे थाने में दरोगा द्वारा “लंगड़ा-लुल्ला” कहकर अपमानित किया गया। अब इस घटना ने पूरे विकलांग समाज को उबाल पर ला दिया है।
लाम्बा खेड़ा निवासी आज़म पुत्र निज़ामुद्दीन, जो विकलांग एसोसिएशन के सक्रिय पदाधिकारी हैं, 3 अप्रैल को एक विकलांग साथी की समस्या को लेकर थाने पहुंचे थे। लेकिन थाने में इंसाफ तो दूर, उन्हें दरोगा राजेश कुमार द्वारा शारीरिक अक्षमता का मज़ाक उड़ाते हुए अपमानित किया गया। आज़म का कहना है कि दरोगा ने उन्हें अपशब्द कहे और “लंगड़ा-लुल्ला” जैसे जलील करने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया।
इस अपमान के बाद विकलांग एसोसिएशन में जबरदस्त आक्रोश है। एसोसिएशन अध्यक्ष एम.आर. पाशा ने कहा, “ये सिर्फ आज़म का अपमान नहीं, बल्कि पूरे विकलांग समाज की गरिमा पर हमला है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।”
पीड़ित आज़म ने भावुक होते हुए कहा, “अगर मेरे आत्म-सम्मान की रक्षा नहीं हुई, तो मैं आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाऊंगा।”
अब सवाल यह है कि क्या पुलिस प्रशासन इस मामले में दोषी दरोगा पर सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
एसपी पूर्वी का कहना है, “जांच कराई जा रही है। आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई तय है।”
लेकिन क्या केवल बयानबाज़ी से न्याय मिलेगा?
अब विकलांग समाज का सब्र टूट रहा है। अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो अगली तस्वीर सड़कों पर होगा आक्रोश और आवाज़ – इंसाफ चाहिए!


















