राष्ट्रीय पोषण माह के तहत गांव रायपुर में महिलाओं एवं बच्चों को पौष्टिक आहार लेने के लिए किया प्रेरित।

सुमरीन योगी
करनाल
राष्ट्रीय पोषण माह के तहत गांव रायपुर में महिलाओं एवं बच्चों को पौष्टिक आहार लेने के लिए किया प्रेरित।
नीलोखेड़ी/करनाल, 6 सितंबर। जिला के सभी खंडों में छठे राष्ट्रीय पोषण माह के तहत महिलाओं व बच्चों को सही पोषण देने संबंधी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में नीलोखेड़ी ब्लॉक की सीडीपीओ डॉ. राजबाला मोर के नेतृत्व में नीलोखेड़ी ब्लॉक में यह पोषण माह मनाया जा रहा है। इसके तहत बुधवार को गांव रायपुर में इंदिरा रानी बिश्नोई सुपरवाइजर की अध्यक्षता में पोषण माह कार्यक्रम आयोजित करवाया गया।
इस अवसर पर गांव की महिलाओं बच्चों व अन्य उपस्थित लोगों को पोषण माह की गतिविधियों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान न्यूट्रीशन की इम्प्रूवमेंट के लिए मिशन लाइफ चलाया गया और वर्षा के पानी को संचय करने तथा पानी की जहां भी वाटर बॉडी जैसे तालाब,जोहड़, झील, नदी, गहरी जगह जहां भी पानी उपलब्ध हो, उस पानी के अंदर से खराब मिट्टी और कचरा बाहर निकाल कर पूरे पानी की सफाई करना तथा जोहड़ और तालाब आदि की सुरक्षा करने के बारे में महिलाओं एव बच्चों को जानकारी दी गई।
उपस्थित महिलाओं एवं बच्चों को बताया गया कि वर्षा के पानी को भी संचय करने के लिए थोड़ा गढा खोदकर उसको पक्का करके उसके अंदर गहरा बोर किया जाए ताकि बरसात का पानी उस बोर के माध्यम से,भूजल जो जमीन के अंदर होता है उसमें मिल जाए जिससे पानी का लेवल है धरती के अंदर, थोड़ा ऊपर उठे और खेती तथा पीने के लिए पानी कीउपलब्धता पूरी हो सके । इसके संदर्भ में यह भी बताया गया कि बरसात केपानी को संचित करने के लिए जो भी डिग्गी नुमा गढा खोदकर बरसात के पानी को बोर के माध्यम से जमीन के अंदर जाने के लिए बनाया जाए उसके ऊपर लोहे की मजबूत जाली स्थाई रूप से लगाई जाए ताकि उसमें कोई बच्चा वगैरह ना गिर सके तथा कोई किसी को नुकसान ना हो। महिलाओं तथा बच्चों को बताया गया कि पानी जहां कहीं भी है उसको सुरक्षित रखने के लिए सभी उपाय किए जाएं, पानी बचाया भी जाए तथा इसका संचय भी किया जाए । पानी की साफ सफाई रखी जाए ताकि मनुष्य पशु पक्षी सभी स्वस्थ रहें और भरपूर पानी मिल सके ,क्योंकि दिनों दिन पानी की कमी आती जा रही है जो कि भविष्य में भयंकर स्थिति पैदा कर सकती है इसलिए अभी से सभी को जागरुक होकर पानी की साफ सफाई और संचय के प्रति लगन और मेहनत से कार्य करना होगा तभी हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा और पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी और मानव जीवन के लिए आक्सीजन देने वाले पेड़ पौधे सुरक्षित होंगे तो हमारा जीवन भी सुरक्षित रहेगा।


















