मानव तस्करी में दोषी 3 महिलाओं सहित 8 लोगो को 10 साल का कारावास
खटीमा/उत्तराखंड,,, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जे जे बी सी सिंह मुंडे ने चार साल पहले दो नाबालिगों के अवैध व्यापार मामले में तीन महिलाओं समेत आठ लोगों को दस साल की सजा सुनाई थी। साथ ही सभी पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। सभी को बेस्ट कारागार प्लांट भेजा गया है।
बनबसा चंपावत की मानव जाति रोधक दल की उपनिरीक्षक नवाज़ पेंडे ने 27 अगस्त 2019 को दोपहर में मुकदमा दर्ज किया था। इसमें कहा गया था कि आठ लोगों समेत तीन महिलाओं ने दो किशोरों से अवैध व्यापार का प्रयास किया। इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायमूर्ति मंढे सिंह मुंडे की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने 23 नवंबर 2019 को कोर्ट में आरोप पत्र दायर कर नीचे दिए गए थे।
सहायक जिला उद्यम फ्लोरिडा फ्लोरिडा ने 9 गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश मुंडे ने गुरुवार को आरोप सिद्ध करते हुए फैसला सुरक्षित रखा था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने ध्यानपुर नानकमत्ता निवासी परमजीत सिंह, रंजीत सिंह, ग्राम कठुलिया नानकमत्ता निवासी परमजीत कौर, न्यूरिया के ग्राम धनकुना कामा पिल्म यूपी निवासी शमा देवी नीना, बरुआबाग खटीमा की सुरन्द्र कौर नी मंजीत कौर नी सरदारनी, प्रतापपुर नानकमत्ता निवासी केमी सिंह , बर्की दांडी नानकमत्ता निवासी जस अलामी सिंह नी बींदर सिंह, ग्राम कैम पिल्म यूपी निवासी मोना नी मदन राजवंश को दोषी ठहराए गए दस-दस साल की सजा सुनाई गई है।






