मानव अधिकार पक्षकार राजीव कुमार शर्मा से सतर्कता विभाग ने मांगे शपथ पत्र सहित साक्ष्य , जीडीए अभियंताओं में मचा हड़कंप ।

रिश्वत लेकर 5 मंजिला बिल्डिंग बनवाने के मामले में,गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के 3 अभियंताओं एवम सुपरवाइजर के खिलाफ विजिलेंस जॉच शुरू ।



मानव अधिकार पक्षकार राजीव कुमार शर्मा से सतर्कता विभाग ने मांगे शपथ पत्र सहित साक्ष्य , जीडीए अभियंताओं में मचा हड़कंप ।
क्या है पूरा मामला –
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के जोन 8 स्थित शालीमार गार्डन मैन के बी ब्लॉक के भूखण्ड संख्या 129 पर बन रही एक पांच मंजिला बिल्डिंग को एक मार्च दौ हजार तेईस को अवैध निर्माण बताते हुए जीडीए के अभियंताओं ने दो दिनों तक ध्वस्त किया था ।
विश्वस्त सूत्रों की माने तो जीडीए के अभियंताओं ने उपरोक्त अवैध निर्माण पर दो दिनों तक ध्वस्तीकरण की यह कार्यवाही इसीलिए की थी की बिल्डिंग का मालिक बिल्डर सलाउद्दीन सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा हुआ था और जीडीए के अभियंताओं सहित शासन एवम जिला प्रशासन की मंशा के अनुरूप नियमानुसार निर्माण कार्य नही कर रहा था ।
जैसे ही बिल्डर सलाउद्दीन की बिल्डिंग पर दो दिनों तक धवस्तीकरण की कार्यवाही हुई तो बिल्डर सलाउद्दीन जीडीए के अभियंताओं और शासन प्रशासन की मंशा के अनुसार कार्य करने के लिए राजी हो गया तो उपरोक्त बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण के मात्र तीन माह बाद ही उपरोक्त बिल्डिंग ना केवल पहले से भी दिव्य एवम भव्य रूप से तैयार हो गई बल्कि बिल्डर ने भूतल पर पार्किंग की जगह दो दुकानों का भी निर्माण कर डाला और अभियंताओं की मंशा के अनुरूप कार्य होते ही गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के जोन आठ के किसी भी जिम्मेदार अभियंता ने पुनः इस बिल्डिंग की तरफ जाकर देखने की भी जहमत नहीं उठाई ।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के जोन आठ के अभियंताओं के इस कारनामें और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा दो दिनों तक ध्वस्त की गई बिल्डिंग के तीन माह बाद ही पुनः बन जाने के मामले की शिकायत साहिबाबाद निवासी मानव अधिकार पक्षकार राजीव कुमार शर्मा ने साक्ष्यों और बिल्डिंग की तस्वीरों सहित तीन जुलाई दौ हजार तेईस को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और जोन आठ के प्रभारी को करते हुए अवैध निर्माण पर कार्यवाही करने की मांग की मगर बिल्डर द्वारा अभियंताओं को दिए गए सुविधा शुल्क के कारण जब उपाध्यक्ष और जोनल प्रभारी को साक्ष्यों सहित दी गई लिखित शिकायत के तीन महीने बाद भी ना ही तो गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और जोनल प्रभारी द्वारा पुनः किए गए अवैध निर्माण पर ही कोई कार्यवाही की गई और ना ही ध्वस्त किए गए अवैध निर्माण को संरक्षण देकर पुनः निर्माण करवाने वाले जिम्मेदार अभियंताओं और सुपरवाइजर पर ही कोई कार्यवाही की ।
अवैध निर्माण एवम अभियंताओं के भ्रष्टाचार के इस मामले में उपाध्यक्ष स्तर से भी जब तीन माह बीतने के बाद भी कोई कार्यवाही नही की गई तो इस मामले में शिकायतकर्ता मानव अधिकार पक्षकार राजीव कुमार शर्मा ने सभी साक्ष्यों सहित राज्य सरकार के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव आवास एवम शहरी नियोजन और प्रमुख सचिव सतर्कता विभाग को तीन अक्टूबर दो हजार तेईस को पत्र भेजकर बिल्डर द्वारा किए गए अवैध निर्माण और अवैध निर्माण पर दो दिनों तक की गई धवस्तीकरण की कार्यवाही की आड़ में अभियंताओं द्वारा किए गए भ्रष्टाचार में शामिल होकर धवस्त किए गए अवैध निर्माण को तीन माह बाद ही फिर से करवाने के मामले की जॉच सतर्कता विभाग से करवाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त करवाने एवम दो दिनों तक धवस्त किए गए अवैध निर्माण को रिश्वत लेकर पुनः निर्माण करवाने वाले अभियंताओं के विरुद्ध भी कानूनी कार्यवाही की मांग की थी ।
इस मामले में उत्तर प्रदेश शासन के आदेश पर सतर्कता विभाग ने केस दर्ज कर जॉच शुरू कर दी है । उतर प्रदेश शासन के सतर्कता विभाग तीन के अनु सचिव राज कुमार सिंह द्वारा एक दिसम्बर दो हजार तेईस को पत्र जारी कर मानव अधिकार पक्षकार राजीव कुमार शर्मा से उनके द्वारा की शिकायत के समर्थन में शपथ पत्र सहित समुचित साक्ष्य उपलब्ध करवाने को कहा है ।






