काशीपुर-उत्तराखण्ड़

मां मनसा देवी शोभा यात्रा ने किए 50 वर्ष पूरे,इस बार भी कायम रही भव्यता

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काशीपुर/उत्तराखंड,,(4इजवान अहसन),,मां मनसा देवी की शोभायात्रा के सफलतम 51 साल पूरे होने के अवसर पर अष्टमी तिथि को निकाली जाने वाली शोभायात्रा से पूर्व सुबह से ही मां मनसा देवी मंदिर में
अर्चना एवं हवन पूजन किया गया। । दोपहर बाद मां मनसा काशीपुर में धूमधाम से निकलती मां मनसा देवी शोभायात्रा।देवी की प्रतिमा भाव ज्योत के साथ माँ मनसा देवी की प्रतिमा डोले में विराजमान की गई, जिसके बाद शोभायात्रा की शुरुआत हुई।
शोभायात्रा शहर भर में विभिन्न मार्गों से होते हुए मां चामुंडा मंदिर में पूजा अर्चना के बाद कई किलोमीटर की परिक्रमा कर कल सुबह तड़के वापस मां मनसा देवी मंदिर में आकर समाप्त हुई।
बता दें कि बीते अनेक वर्षों से शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि को काशीपुर में मां मनसा देवी की विशाल शोभायात्रा का आयोजन होता चला आ रहा है। वैसे तो शोभायात्रा का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना रहा है। उस वक्त मां की प्रतिमा शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि को एक टोकरी में सिर पर रखकर और बाद में ठेले पर रखकर ले जाई जाती थी। धीरे धीरे यह स्वरूप समय के साथ आधुनिकता का रूप लेता गया और पिछले 50 वर्षों से इस शोभायात्रा में स्वचालित झांकियों का बेड़े साथ साल दर साल इस शोभायात्रा का स्वरूप बढ़ता गया
मां मनसा देवी शोभायात्रा में सैकड़ों झांकियां आकर्षण का केन्द्र बनीं खासकर महाकाल की झांकी आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा से पूर्व मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष की भांति विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय व आसपास के थाना क्षेत्र के अलावा भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा।

मां मनसा देवी की विशाल शोभायात्रा में पानीपत से आए पंचमुखी हनुमान की झांकी,माँ काली के अखाड़े व स्थानीय व दूरदराज से आये बैण्ड बाजों समेत बरेली,एटा,चंदौसी,बहजोई, जागेश्वर, मेरठ, इटावा,मुरादाबाद,दिल्ली,गाजियाबाद,पानीपत, बनारस, मुजफ्फरनगर,शोभायात्रा के नेतृत्व कर्ता रमेश
बिजनौर व हरिद्वार से मनमोहक झांकियाँ आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहीं। इसके अलावा केरल की नृत्य झाँकी, एटा की झाँकी एवं बाहुबलि हनुमान,भगवान गणेश, माता काली मां सरस्वती, शिव पार्वती नृत्य, राधाकृष्ण नृत्य, चंद्रयान 3, अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर, की झांकियां भी शामिल रहीं।

इस शोभायात्रा का आयोजन रमेश चंद्र शर्मा उर्फ खुट्टू मास्टर करते आए थे । उनके निधन के बाद अब उनके पुत्र विकास शर्मा ने इस शोभायात्रा की कमान सँभाली। इस वर्ष अष्टमी तिथि रविवार को शोभायात्रा के 51 वर्ष पूर्ण होने के
अवसर पर हवन पूजन के बाद में की जोत दर्जनों बैंड बाजे और ढोल नगाड़ों की थाप पर मां के जयकारों के साथ शुरू हुई। शोभायात्रा माँ मंशा देवी मंदिर से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए चामुंडा मंदिर पहुंची जहां से वापस मध्यरात्रि में वापस मां मंशा देवी मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई।

RIZWAN AHSAN

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