बाघिन की चहल कदमी से ग्रामीणों में भय का माहौल

बाघिन की चहल कदमी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना।
ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से गश्त बढ़ाये जाने की उठाई मांग
कालागढ़। घात लगाए बैठी बाघिन ने अचानक ही सरेराह हमला बोलकर दो युवकों को घायल कर दिया। हमला देख आस पास के लोगों व ग्रामीणों ने शोर शराबा मचाकर किस तरह बाघिन को जंगल की ओर खदेड़ दिया तथा घायलों को उपचार के लिये अस्पताल भेजवाया। बताया जाता है कि इसके बाद बाघिन गांव में घुस गई तथा गाय और एक भैंस पर हमला करके मौत के घाट उतार दिया
चहल कदमी करती बाघिन
जानकारी देते कि एक बाघिन बीते कई दिन से लगातार गांव कुआंखेड़ा खदरी के इर्दगिर्द घूम रही है।घटना के कुछ ही देर बाद पुराना कालागढ़ निवासी फरमान गांव में गुड की फेरी करके वापस आ रहा था। इसी दौरान मंजीत के डेरे के समीप पंहुचते ही घात लगाकर बैठी बाघिन अचानक सड़क पर आ गई। बाघिन ने बाइक पर झपट्टा मारकर फरमान को घायल कर दिया। घटनास्थल पर एकत्र ग्रामीणों ने शोर-शराबा करके बाघिन को जंगल में खदेड़ दिया था।
इसके बाद बाघिन गांव कुआंखेड़ा खदरी में घुस गई तथा सुखविंदर की गाय पर हमला करके उसको मौत के घाट उतार दिया। कुछ ही देर बाद बाघिन समीपवर्ती गांव कुआंखेड़ा में पंहुच गई और पशुशाला के बाहर मौजूद हंसराज की भैंस पर हमला उसको मौत के घाट उतारकर बाघिन भैंस को घसीटते हुए जंगल की ओर ले जा रही थी। लेकिन ग्रामीणों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया तथा बाघिन भैंस को छोड़कर वहां से चली गई।
ग्रामीणों का कहना है कि हमलावर बाघिन लगातार गांव के इर्दगिर्द घूम रही है। बाघिन की मौजूदगी के चलते हमले की
आशंका को लेकर ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग के सम्बन्धित अधिकारीयों से गांव की पर गश्त बढ़ाए जाने की मांग की ताकि समय रहते हमें सहयोग मिल सके तथा बंसी लगे जितने भी गांव हैं सभी को जागरूक किया जाए बाघ अगर हमला कर दे तो कैसे अपना बचाव करें
कालागढ़ से
आईरा वार्ता राजेश सिंघल




























