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पदाधिकारियों ने बैठक कर बनाई जयचंद महोत्सव की रणनीति

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पदाधिकारियों ने बैठक कर बनाई जयचंद महोत्सव की रणनीति

महाशिवरात्रि के दिन होगा महाराजा जय चंद्र स्मृति समारोह
नवाब की अगुआई में प्रतिवर्ष की भांति होगा महाराज जयचंद महोत्सव

कान्यकुव्ज शिक्षा एवं समाज सेवा समिति ने उठा रखा है वीणा

कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रुप में होंगे पूर्व सांसद एवम राष्ट्र कवि प्रोफेसर ओम पाल सिंह निडर

प्रोफेसर सुशील राकेश शर्मा द्वारा रचित सम्राट जयचंद जहीर ललित पुरी द्वारा अंग्रेजी अनुवाद सहित पुस्तक का होगा विमोचन

कन्नौज अवनीश चंद्र तिवारी

कान्यकुब्ज शिक्षा एवं समाज सेवा समिति कन्नौज के अध्यक्ष नवाब सिंह यादव की अध्यक्षता में उनके समाज सेवा कार्यों में विशेष सहयोगी रहने वाले कन्नौज के प्रबुद्ध जनों के संग बैठक कर महाराज जयचंद्र स्मृति महोत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई

आपको बताते चलें कि महाराज जयचंद्र स्मृति समारोह प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के दिन बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है इस वार महाराजाचंद स्मृति समारोह आने वाली महाशिवरात्रि के पावन दिवस पर बाबा गौरी शंकर रोड स्थित किले के पास मनाया जाएगा
सन 2005 में किले पर कान्यकुब्ज शिक्षा एवं समाज सेवा समिति द्वारा महाराजा जयचंद्र की मूर्ति स्थापित की गई थी तभी से लगातार प्रतिवर्ष उनकी स्मृति में यह कार्यक्रम आयोजित होता रहा है इस वर्ष भी इसका आयोजन बड़ी भव्यता एवं दिव्यता के साथ किया जाएगा

कार्यक्रम का उद्देश्य महाराजा जयचंद्र पर लगे गद्दारी के दाग को धोकर उन्हें एक सम्राट की भांति मान सम्मान दिलाना है इतिहास किसी ग्रंथ में ऐसा उल्लेख नहीं मिलता है कि जो यह प्रामाणिकता के साथ यह साबित करता हो कि महाराज जय चंद ने गद्दारी की थी केबल कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर बिना किसी प्रमाण के ऐसा जनमानस में भी भ्रम फैलाकर उनके नाम और सम्मान को ठेस पहुंचाने का काम किया गया

कन्नौज के लोग इस अपमान को नहीं सह सकते हैं इसीलिए कन्नौज की जानी-मानी प्रतिष्ठित समाजसेवी संस्था कान्यकुब्ज शिक्षा एवम समाज सेवा समिति के अध्यक्ष नवाब सिंह यादव ने कन्नौज से यह संकल्प लिया कि हम अपने राजा पर लगे गद्दारी के दाग को धोकर उन्हें मान सम्मान दिलाने का काम करेंगे जिसके फल स्वरुप विगत 15 वर्षों से यह कार्यक्रम होता चला आ रहा है

कार्यक्रम में शुरुआत में यह घोषणा की गई थी कि 51 हजार रुपए की धनराशि उस इतिहासकार एवं विद्वान को प्रदान की जाएगी जो महाराज जयचंद को ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर गद्दार साबित कर देगा जो धन राशि अब बढ़कर₹500000 तक हो चुकी है किंतु विगत 15 वर्षों से अधिक समय होने पर भी अभी तक भारत का कोई भी इतिहासकार तारक एवं साक्ष्य के आधार पर महाराज जयचंद एक गद्दार राजा थे इस बात को साबित नहीं कर सका बल्कि इसके विपरीत अब तक तमाम इतिहासकार इस बात का समर्थन कर रहे हैं कि महाराज जयचंद गद्दार ना होकर एक महान एवं प्रतापी राजा थे तथा इसे साबित करने के लिए विद्वानों के द्वारा तमाम ऐतिहासिक साक्ष्य एवम् प्रमाण भी प्रस्तुत किए गए
बैठक में निश्चय किया गया कि आगामी 8 मार्च को महाशिवरात्रि के पावन दिवस पर महाराजा जयचंद इसमें समारोह का आयोजन किया जाएगा समिति के सदस्यों ने बैठक कर कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा एवं रणनीति तैयार की
इस अवसर पर कान्यकुब्ज शिक्षा एवं समाज सेवा समिति के अध्यक्ष नवाब सिंह यादव ने कहा कि हमारा संकल्प दृढ़ है हम इस कार्यक्रम को पिछले 15 वर्षों से कर रहे हैं और आगे भी इसी तरह करते रहेंगे जब तक हम यह पूर्ण रूप से साबित नहीं कर देते कि हमारे राजा गद्दार न होकर एक प्रतापी राजा थे तथा कथित लोगों ने अपने कुछ प्रवाग्रह से ग्रसित होकर उन्हें गद्दार कहा है जो कि सर्वथा गलत है हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे और उन्हें गद्दार कहने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा आज हमारे कार्यक्रम को न सिर्फ जनपद और प्रदेश स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है अब वह दिन दूर नहीं जब हम इतिहास का पुनर्मूल्यांकन कर अपने राजा पर लगे गद्दारी के दाग को पूर्ण रूप से धोकर उन्हें एक प्रतापी राजा के रूप में स्थापित करने में सफल होंगे
इस मौके पर प्रख्यात कवि एवम् लेखक प्रोफेसर सुशी राकेश शर्मा ने कहा कि आज इतिहास की किवदंतियां अब धूमिल पड़ चुकी हैं जिनमें महाराज चंद्र को गद्दार कहने का दुस्कार्य किया था अब वक्त आ गया है कि उन झूठा भ्रम फैलाने वाली बातों को जड़ से मिटा कर एक नए इतिहास के रूप में तमाम ऐसे ग्रंथ और लेख आ चुके हैं जो महाराज जयचंद को एक प्रतापी राजा साबित करते हैं हमारा कार्यक्रम अनवरत चलता रहेगा और एक दिन हम अपने राजा को विश्व इतिहास में उच्च स्थान पर प्रतिष्ठित करने में सफल होंगे ऐसे हम ऐसा हमारा दृढ़ विश्वास है
इस अवसर पर इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश चंद्र शर्मा अनुराग मिश्र ,वरिष्ठ पत्रकार दिनेश दुबे समाजसेवी मनोज शुक्ला, पूर्व प्राचार्य डॉ ओपी शर्मा शुक्ला ,डॉक्टर राम नाथ मिश्रा, असिस्टेंट प्रोफेसर उमेश चंद द्विवेदी ,समाजसेवी अजय पांडे, सुरेंद्र कुशवाहा डॉक्टर आर डी बाजपेई असिस्टेंट प्रोफेसर उपेंद्र कुशवाहा , रमाकांत अवस्थी , सुशील भारद्वाज आदि लोग मौजूद रहे।

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