पकड़ा गया अधिशाषी अभियंता को धमकाने और रंगदारी मांगने वाला

काशीपुर / उत्तराखंड (रिजवान अहसन ),,,काशीपुर में तैनात विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता अजीत कुमार यादव को पत्र भेजकर 50 लाख रूपयों की रंगदारी मांगने तथा रकम न देने पर मौत के घाट उतारने की धमकी देने वाले शातिर अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह कोई और नहीं बल्कि अभी कुछ माह पूर्व सेवानिवृत हुए विद्युत विभाग के एसडीओ जसपुर मदन लाल टॉक का पुत्र नितेश कुमार निकला। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त को थाने से जमानत दे दी गई है। बीते 9 जनवरी को काशीपुर में पदस्थ विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता अजीत कुमार यादव ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि रजिस्टर्ड डाक से उन्हें एक पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें अज्ञात शख्स द्वारा 50 लाख रूपयों की फिरौती मांगी गई है। पत्र में साफ लिखा है की रकम न देने पर उन्हें मौत के घाट उतार दिया जाएगा। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जब इसकी विवेचना शुरू की तो परत दर परत तस्वीर साफ होने लगी। यह पत्र काशीपुर के डाकघर से भेजा गया था। दिन तारीख आदि की जांच के बाद जब पुलिस ने पोस्ट ऑफिस के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज का अवलोकन किया तो एक संदिग्ध महिला डाक पोस्ट करती नजर आई। जरिए मुखबिर कानून के हाथ महिला की गर्दन तक पहुंचे तो उसकी पहचान अलीगंज रोड निवासी शालिनी पत्नी गुरजीत सिंह के रूप में हुई। थाने लाकर महिला से कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि बीते 4 जनवरी को उसके मित्र नितेश कुमार पुत्र मदनलाल टॉक द्वारा एक रजिस्ट्री करने के लिए बाकायदा उसे प्रेरित किया गया। महिला ने पुलिस को बताया कि 26 वर्षीय नितेश के कहने पर उसने अधिशासी अभियंता अजीत कुमार यादव के नाम सील बंद लिफाफा रजिस्ट्री किया। पुलिस को जैसे ही इसका पता चला उसने तत्काल अभियुक्त नितेश कुमार को तत्परता दिखाते दबोच लिया। पुलिस की कड़ी पूछताछ में पकड़े गए नितेश कुमार ने जुर्म को कुबूल कर लिया। यह मामला धारा 385 में पंजीकृत किया गया था। इंस्पेक्टर कोतवाली ने बताया कि बेलेबल ऑफेंस होने के कारण अभियुक्त को थाने से जमानत दे दी गई।
फिरौती में 50 लाख की डिमांड करने तथा न मिलने पर जान से मारने की धमकी देने वाले सेवानिवृत्ति एसडीओ मदनलाल टॉक के पुत्र नितेश कुमार को जब पुलिस ने पकड़ा तो उसने बताया कि उसके पिता खटीमा बाजपुर जसपुर काशीपर आदि स्थानों पर नौकरी के दौरान पोस्टेड रहे। रिटायरमेंट के बाद सभी स्थानों से उन्हें नोड्यूज सर्टिफिकेट मिल गया लेकिन काशीपुर से एनओसी नहीं मिल पाई थी। उसने पुलिस को बताया कि उसके पिता के खिलाफ कोई विभागीय जांच चल रही है जिसकी वजह से अधिशासी अभियंता अजीत कुमार यादव उसे एनओसी नहीं दे रहे थे। नो-ड्यूज ना मिलने के कारण रिटायर्ड एसडीओ मदनलाल टॉक को रिटायरमेंट का पैसा व अन्य फंड नहीं मिल रहा था जिस कारण वह मानसिक तनाव में थे। पिता के इसी मानसिक तनाव को दूर करने के लिए पुत्र ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ खतरनाक योजना बना डाली।


















