जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जागरूकता शिविर आयोजित

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जागरूकता शिविर आयोजित
करनाल 25 जून। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार शारदा व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डा. इरम हसन के मार्गदर्शन में बस स्टैंड पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमे सिविल अस्पताल से काउंसलर डा. कांता रानी व ममता व पैरा लिगल वालंटियर पूजा द्वारा जन साधारण को नशा निषेध व एच आई वी/एसटीआई से सुरक्षा हेतु जागरूक किया।
इस दौरान डा. कांता रानी ने बताया कि एच आई वी/एसटीआई की काउंसलिंग, जांच व ईलाज सिविल अस्पताल मे बिल्कुल मुफ्त किया जाता है। इसके अलावा एच आई वी/एसटीआई की रिर्पोट पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाती है। उन्होंने बताया कि एच आई वी/एसटीआई के कारण जैसे कि संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सिरिंज का प्रयोग, संक्रमित रक्त चढ़ाने से संक्रमित गर्भवती महिला से उसके पैदा होने वाले बच्चे को एच आई वी/एसटीआई का संक्रमण फैल सकता है। एच आई वी/एसटीआई की रोकथाम निरंतर कंडोम के प्रयोग से, संक्रमित सुई का उपयोग न करके, रक्त की जरूरत होने पर लाइसेंस ब्लड बैंक से ही लेने पर की जा सकती है। एच आई वी/एसटीआई संबंधित कोई भी जानकारी कि लिए 1097 टोल फ्री हेल्पलाइन नं. पर संपर्क कर सकते है। उन्होने यह भी बताया कि एच आई वी का संक्रमण साथ उठने बैठने, छूने, गले लगने, एक ही स्विमिंग पूल, शौचालय इस्तेमाल करने से व मच्छर के काटने से नहीं फैलता।
पैरा लिगल वालंटियर पूजा ने बताया कि यदि किसी भी संक्रमित व्यक्ति व उसके साथ रहने वाले व्यक्ति के अधिकारों का हनन होता है तो वह व्यक्ति एच आई वी एक्ट 2017 के तहत अपील दर्ज कर सकता है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी सेवा व सहायता भी प्राप्त कर सकता है। यदि किसी कि अधिकारों का हनन होता है तो इस एक्ट के तहत दण्ड या जुर्माना या दोनों भी हो सकता है। इस मौके पर मेडिकल टीम, सिविल अस्पताल द्वारा 55 लोगों का एच आई वी टेस्ट किया गया।




























