छ:माह की बच्ची को गुलदार ने बनाया निवाला

बिजनौर। आंगन में सो रही एक छ: माह की एक दूधमूंही बच्ची को गुलदार उठा ले गया। बच्ची अपनी माँ के साथ अपने नाना के घर आई हुई थी। परिजनों ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस व वन विभाग को दी। तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस व वन विभाग की टीम ने जंगल में तलाश की। जहाँ उन्हें गुलदार के पैरों के निशान व खून के धब्बे मिले। घटना से ग्रामीण दहशत में हैं।
मामला जनपद बिजनौर के बढापुर थाना क्षेत्र के एक गाँव नूरपूर अरब का है। जहाँ के महबूब की पुत्री फिरोजा अपनी छ: माह की बच्ची सिरदा को साथ लेकर अपनी ससुराल जीतपुर पडली से अपने मायके में आई थी। शनिवार की रात्रि फिरोजा व उसकी पुत्री सिदरा घर के आंगन में सो रही थी। रात्रि करीब 2 बजे के आसपास फिरोजा ने सिदरा को दूध पिलाया था। करीब तीन बजे जब फिरोजा की आंखें खुली तो उसकी 6 माह की पुत्री सिदरा को चारपाई से गायब थी। फिरोजा ने सिदरा के बारे में परिजनों से पता किया तो किसी को भी सिदरा का पता नहीं था। गुलदार द्वारा बच्ची को उठा ले जाने का शक होने पर परिजनों ने बच्ची के गायब होने की सूचना पुलिस व वन विभाग को दी। मौके पर पुलिस व वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ पास के गन्ने के खेतों में खोजबीन की। इसी दौरान उन्हें खेत में माँस के टुकड़े व खून के निशान मिले। साथ ही खेत में गुलदार के पैरों के निशान भी मिले जो एक मादा गुलदार व एक शावक के बताये जा रहे हैं। अनुमान है कि गुलदार ने बच्ची को अपना निवाला बना लिया। घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मौके पर पहुंचे प्रभागीय वनाधिकारी नजीबाबाद मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि मादा गुलदार शावक के साथ हमलावर हो जाती है। बच्चों को खेतों में बिल्कुल न जाने दें। बडे भी काम करने के लिये इकठ्ठे होकर जंगल जाए।

















