ग्रीष्मकालीन रूचि कक्षा शिविर-2022 का कल होगा समापन।

रिपोर्ट :-सुमरिन योगी
करनाल(हरियाणा)
ग्रीष्मकालीन रूचि कक्षा शिविर-2022 का कल होगा समापन।
करनाल 29 जून, जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने बताया कि ग्रीष्मकालीन रूचि कक्षा शिविर-2022 का समापन वीरवार को होगा समापन। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद्, चंडीगढ़ के तत्वाधान में और उपायुक्त एवं प्रधान, जिला बाल कल्याण परिषद् करनाल अनीश यादव के दिशानिर्देश व मार्गदर्शन में बच्चों के सृजनात्मक, रचनात्मक एवं सकारात्मक विकास के लिए कृत संकल्प रही जिला शाखा, करनाल द्वारा बच्चों में छिपी प्रतिभा को उभारने और उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास हेतु एक ग्रीष्मकालीन रूचि-कक्षा शिविर बाल भवन प्रांगण में बनें नए सांस्कृतिक भवन में आयोजित किया गया। इस शिविर में प्रात: 9 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच में 3 वर्ष से 18 वर्ष तक के 500 बच्चों ने भाग लिया।
उन्होंने बताया कि इस ग्रीष्मकालीन रूचि-कक्षा शिविर में बच्चों को आर्ट एंड क्राफ्ट, ड्राइंग एंड पेंटिंग, योगा एवं मैडिटेशन, जूडो एवं कराटे, कैलीग्राफी, एरोबिकस, संगीत/गायन, तथा नृत्य की गतिविधियां सिखाई गई। ग्रीष्म कालीन रूचि-कक्षा शिविर की सभी गतिविधियों में बच्चे खेल-खेल में ‘करो और सीखो’ के माध्यम से अपने हुनर को निखारते हुए आनंद उठाया। उन्होंने बताया कि वीरवार 30 जून को इस शिविर का समापन होगा। समापन समारोह की मुख्य-अतिथि मानद महासचिव, राज्य बाल कल्याण परिषद्, चंडीगढ़ रंजीता मेहता होंगी। इस शिविर की विशेषता थी कि इसमें सक्षम परिवारों के बच्चों के साथ ही सरकारी स्कूलों, वंचित परिवारों, स्लम-एरिया एवं बाल ग्रहों के बच्चों, तपन रिहेबीलीटेशन एवं माता प्रकाश कौर इत्यादि ने भी नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान करके उनके हुनर को नई उंचाई पर ले जाने के लिए प्रयास किया गया। यहाँ आने वाले प्रत्येक बच्चे को उसकी रुची की दो गतिविधियों में प्रशिक्षित किया गया और सभी बच्चों के लिए प्रतिदिन मध्यान्ह जलपान की भी व्यवस्था की गई।
जिला बाल कल्याण अधिकारी, करनाल ने बताया कि इस शिविर में भाग लेने वाले बच्चों की प्रतियोगिताएँ भी करवाई गई थी और सभी बच्चों को सर्टिफिकेट के साथ-साथ ईनाम भी दिए जाएँगे। उन्होंने बताया कि बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए भविष्य में भी जिला बाल कल्याण परिषद् इन सभी गतिविधियों की स्थाई स्थापना इस नये संस्कृतिक भवन में की जायेगी ताकि बच्चें प्रतिदिन इस तरह की गतिविधियाँ करके अपना सर्वांगीन विकास कर सके और जिला बाल कल्याण परिषद् भविष्य में इस प्रकार के शिविर आयोजित करती रहेंगी। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से अपील की कि वे जिला बाल कल्याण परिषद्, करनाल द्वारा स्थाई गतिविधि केन्द्रों में दाखिला करवाकर इन सर्वांगींन विकास की तरफ ध्यान दें और भविष्य में परिषद् द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भी इसी प्रकार अपने बच्चों को बढ़-चढ़ कर भाग दिलवाते रहें।




























