असम/गुवाहाटी

खानापारा के ए एस टी सी मिनी-आई एस बी टी में पूरबी डेयरी ने की मिल्क बूथ की शुरुआत

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गुवाहाटी, 4 अगस्त 2025: पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी डेयरी सहकारी संस्था पूरबी डेयरी ने अपने खुदरा विस्तार की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए असम राज्य परिवहन निगम (ए एस टी सी) के मिनी-आई एस बी टी, खानापारा परिसर में एक नया दूध बूथ शुरू किया। यह बूथ असम सरकार के सहकारिता और परिवहन मंत्री, श्री जोगेन महन द्वारा, वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में उद्घाटित किया गया।
पूरबी उत्पादों का निर्माण वेस्ट असम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (डब्ल्यू ए एम यू एल) द्वारा किया जाता है तथा इनका विपणन नॉर्थ ईस्ट डेयरी एंड फूड्स लिमिटेड (एन ई डी एफ एल) द्वारा किया जाता है, जो असम सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एन डी डी बी) के बीच एक संयुक्त उपक्रम है। एन ई डी एफ एल ने क्षेत्र में अपने वितरण नेटवर्क को काफी मजबूत किया है और ए एस टी सी के इस परिवहन केंद्र में यह नया बूथ आरंभ करना ताजे और पोषक डेयरी उत्पादों की सार्वजनिक पहुंच को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ए पी ए आर टी परियोजना, जिसे विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित किया गया है, के तहत डब्ल्यू ए एम यू एल द्वारा खरीदे गए ये पूर्व-निर्मित (प्रीफैब्रिकेटेड) बूथ, पूरबी स्मार्ट मिल्क, टोन्ड, स्टैंडर्ड और फुल क्रीम पैक दूध, पूरबी स्मार्ट यू एच टी दूध (टेट्रापैक), पूरबी फ्लेवर्ड मिल्क, लस्सी, दही, पनीर, घी, फ्रेश क्रीम और सभी प्रकार की लोकप्रिय पूरबी आइसक्रीम सहित पूरबी के सभी उत्पादों की पूरी श्रृंखला उपलब्ध कराते हैं।
इस अवसर पर मंत्री श्री जोगेन महन ने कहा,“पूरबी डेयरी और ए एस टी सी के बीच यह सहयोग जनता के लिए पोषण और सुविधा को एक साथ लाता है। यह पहल यात्रियों के लिए सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भोजन को सुलभ बनाकर उन्हें एक ही स्थान पर सुविधा और पोषण दोनों प्रदान करती है। जहां एएसटीसी असम के कोने-कोने तक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराता है, वहीं पूरबी डेयरी लोगों को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध करा रही है। इस प्रकार की पहलें यात्रियों की सुविधा को बढ़ावा देती हैं और पूरे राज्य में एक स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करती हैं।”
ए एस टी सी के प्रबंध निर्देशक, श्री चिन्मय प्रकाश फूकन, ए सी एस, जिन्होंने इस पहल की शुरुआत और क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई, ने कहा, “दूध और डेयरी उत्पाद किसी भी संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। हम इस साझेदारी के माध्यम से यात्रियों को पोषक और मूल्य वर्धित उत्पादों की आसान पहुंच प्रदान कर पाकर प्रसन्न हैं। यह पहल यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाएगी। हम आने वाले महीनों में असम के अन्य प्रमुख एएसटीसी केंद्रों पर भी इसी तरह के दूध बूथ स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।”
एन ई डी एफ एल के प्रबंध निर्देशक, श्री सत्य ब्रत बोस ने कहा, “पूरबी डेयरी का लक्ष्य एक स्वस्थ असम का निर्माण करना है, जहां सभी को सुरक्षित, पोषक और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकें। हम अपने दूध बूथों का जाल प्रमुख शहरी केंद्रों में फैला रहे हैं ताकि विशेष रूप से दैनिक यात्रियों और व्यस्त परिवारों तक हमारे उत्पाद सरलता से पहुंच सकें। मिनी-आई एस बी टी, खानापारा में शुरू किया गया यह बूथ हमारे ‘असमर स्वाद’ को हर घर तक पहुंचाने की दिशा में एक और कदम है, साथ ही हमारे फ्रेंचाइज़ी मॉडल के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने का भी प्रयास है।”
खानापारा में खोला गया यह बूथ, गुवाहाटी में पहले से ही कार्यरत गौहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (भांगागड़), जनता भवन के पास, असम राज्य चिड़ियाघर के पास, चांगसारी स्थित एम्स के विपरीत, गणेशगुरी के गणेश मंदिर के पास सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर मौजूद पूरबी दूध बूथों की श्रृंखला में एक और नया केंद्र जुड़ने जैसा है।
ये पूर्वोत्तर भारत में इस तरह के पहले स्वतंत्र स्व-सेवा बूथ (इंडिपेंडेंट सेल्फ-सर्विस कियोस्क) हैं, जो शहरी उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। ये बूथ इंसुलेटेड होते हैं और इनमें विज़ी कूलर, चेस्ट कूलर और डीप फ्रीज़र लगे होते हैं, जिससे यह उच्च तापमान में भी कोल्ड चेन को सुरक्षित बनाए रखते हैं, और उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा बनी रहती है।
ये बूथ कंपनी के स्वामित्व वाले, फ्रेंचाइज़ी द्वारा संचालित (सी ओ एफ ओ मॉडल) के अंतर्गत संचालित किए जा रहे हैं, जो स्थानीय व्यवसायियों के लिए एक अच्छा व्यावसायिक अवसर प्रदान करते हैं। इस मॉडल की एक विशेषता यह है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के मात्र दो दिनों के भीतर बूथ को शुरू किया जा सकता है, जो परंपरागत दुकानों की तुलना में बहुत तेज और सुविधाजनक प्रक्रिया है।

HALIMA BEGUM

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