करनाल-हरियाणा

किसान अपनी फसल के अवशेष खेत में मिलाकर मिट्टी की उर्वरक शक्ति बढ़ाएंः डॉ. रामपाल

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एस आर योगी
करनाल

किसान अपनी फसल के अवशेष खेत में मिलाकर मिट्टी की उर्वरक शक्ति बढ़ाएंः डॉ. रामपाल

नीलोखेड़ी/करनाल, 9 अक्तूबर। उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह के दिशा निर्देशाानुसार किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गांव-गांव जाकर प्रचार किया जा रहा है। खंड कृषि अधिकारी डॉ रामपाल स्टौंडी ने बताया कि धान की कटाई के बाद जो अवशेष बचते हैं, मिट्टी में मिलने से पोटाश व अन्य पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही आग्रोनिक कार्बन की मात्रा में भी बढ़ोतरी होती है, जिनकी मिट्टी में काफी कमी पाई गई है। इसके साथ-साथ किसानाकें को बेलर के माध्यम से वेल बनाकर भी फसल अवशेष का प्रबंधन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है तथा केन्द्र व हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि किसान सीआरएम स्कीम के तहत अपना पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर जाकर इन सीटू और एक्स सीटू में करवा सकते हैं। फसल अवशेषों का प्रबंधन करने पर हरियाणा सरकार द्वारा प्रति एकड़ एक हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। इसमें प्रति किला एक हजार रुपए अनुदान सरकार के द्वारा किया जाएगा बशर्ते किसानों को प्रति किले की इन सीटू और एक्स सीटू करते समय फोटो लेना अनिवार्य है।

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